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बड़ी राहत: इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समय सीमा 30 नवंबर तक बढ़ी, मिलीं और भी कई सौगातें

बड़ी राहत: इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समय सीमा 30 नवंबर तक बढ़ी, मिलीं और भी कई सौगातें

 

नई दिल्ली: कोरोना संकट (coronavirus) को देखते हुए सकरार ने आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. अब आईटी रिटर्न 30 नवंबर तक भरा जा सकता है. आमतौर पर रिटर्न भरने की समय सीमा 31 जुलाई होती है, लेकिन महामारी के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए इस साल इसे बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है. वित्त मंत्रालय के इस फैसले को करदाताओं के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है. सैलरीड क्लास के लिए 31 जुलाई आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख होती है. प्रोफेशनल वर्ग के लिए आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर होती है. इस तरह से सैलरीड क्लास को 4 माह की जबकि प्रोफेशनल को 1 माह का एक्सटेंशन मिला है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा के बारे में बुधवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इस संबंध में विस्तार से बताया. उनके साथ वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी उपस्थित थे. इस मौके पर ठाकुर ने बताया कि सरकार ने कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख को 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 नवंबर कर दिया है.

टैक्स में राहत
वित्तमंत्री ने बताया कि डायरेक्ट टैक्स असेसमेंट की डेडलाइन भी बढ़ाई गई है. अब इसे 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि TDS ,TCS दरों को घटाया गया 25% घटाया गया है, जो कल से लागू हो जाएंगी. इससे TDS और TCS देने वालों को 50,000 करोड़ की राहत होगी. खासकर नॉन सैलरी वालों के लिए बहुत बड़ी राहत होगी, यानी प्रोफेशनल को रीफंड तुरंत दिया जाएगा. वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि रियल स्टेट के लिए फोर्स मेज़र लागू किया जाएगा. जिससे उसे प्रोजेक्ट कंप्लीशन में समय की राहत मिलेगी. उनका कांट्रेक्ट खत्म नहीं माना जाएगा. 6 महीने के लिए उनका रजिस्ट्रेशन और कंप्लीशन टाइम बढ़ाया गया है. इसकी तारिख 25 मार्च मानी जाएगी.

PF पर भी बड़ा फैसला
वित्तमंत्री ने PF पर लिए गए अहम फैसले के बारे में बताया कि 15 हजार से कम सैलरी वालों का FP सरकार भरेगी. अगस्त तक सरकार कंपनी और कर्मचारी की तरफ से EPFO में रकम जमा कराएगी. सरकार ने यह फैसला संगठित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए लिया है. इससे 3 लाख संस्थानों के 72 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा. वित्तमंत्री ने बताया कि EPF में नियोक्ता का योगदान 12% से घटाकर 10% किया गया है, इससे उन्हें 6800 करोड़ का फायदा होगा.

1. वित्त मंत्री ने MSME (सूक्ष्म, लघु एवं छोटे उद्योगों) के लिए 3 लाख करोड़ का बूस्टर दिया है. 200 करोड़ रुपये तक कोई विदेशी ठेका नहीं. लोकल और स्वदेशी पर सरकार का पूरा जोर है.

2. आर्थिक पैकेज में 15 हजार तक की सैलरी वालों की बड़ी राहत दी गई है. अगले तीन माह तक तक कर्मचारी और कंपनी दोनों के हिस्से का EPF सरकार देगी. 72 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा.

3. 31 मार्च 2021 तक TDS कटौती में 25% की राहत दी गई है. इनकम टैक्स फाइल करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई गई है. सैलरीड क्लास की जेब में सीधे 50 हज़ार करोड़ रुपये बचेंगे. प्रोफेशनल को बहुत बड़ी राहत होगी

.4. टैक्स ऑडिट की डेट 31 अक्टूबर की गई.

5. चेरीटेबल ट्रस्ट, LLP, प्रोपराइटर्स को तुरंत रिफंड दिया जाएगा.

6. पैसे की कमी से जूझ रही गैर-बैंकिंग कंपनियों (NBFC) को बड़ा सहारा आर्थिक पैकेज के जरिये दिया गया है. इन कंपनियों को 30 हज़ार करोड़ रुपये की लिक्विडिटी स्कीम का ऐलान किया गया है.

7. लोन दिलाने के लिए सरकार गारंटर बनेगी.

8. रियल एस्टेट को भी सरकार से बड़ा बूस्टर डोज़ मिला है. रेरा में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिये बिल्डर को 6 महीने का वक्त और दिया गया है. ये मोहलत मार्च से लागू होगी.

9. बिजली वितरण कंपनियों को सरकार सहायता देगी. इनके लिए 90,000 करोड़ रुपए की नकदी का प्रावधान किया गया है. बिजली वितरण कंपनियों में PFC और  REC नाम की सरकारी कंपनियां नकदी का इंतजाम करेंगी ताकि वो बिजली पैदा करने वाली कंपनियों को पैसा दे सकें.

10.बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं के लिए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराना पड़ेगा. उपभोक्ताओं का बिजली का बिल घटेगा.

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