बिहार

ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) के केंद्रीय परिषद् सदस्य एस.के.निराला एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में माहे सिंघिया प्रखंड के वारी पंचायत के वार्ड संख्या – 17 स्थित समाजसेवी हरिहर झा के आवास पर आज पहुंचे l

ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) के केंद्रीय परिषद् सदस्य एस.के.निराला एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में माहे सिंघिया प्रखंड के वारी पंचायत के वार्ड संख्या - 17 स्थित समाजसेवी हरिहर झा के आवास पर आज पहुंचे l

ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) के केंद्रीय परिषद् सदस्य एस.के.निराला एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में माहे सिंघिया प्रखंड के वारी पंचायत के वार्ड संख्या – 17 स्थित समाजसेवी हरिहर झा के आवास पर आज पहुंचे l समाजसेवी हरिहर झा के आवास पर उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते की नई किस्तों पर एक जुलाई 2021 तक के लिये रोक लगाना , रेलवे को निजीकरण करने के प्रयास तथा श्रम कानूनों में बदलाव मानव अधिकारों के बुनियादी वसूलों के खिलाफ है l इस फैसले में सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय परिषद, सयुंक्त पारमर्शदात्री समिति और किसी भी मान्यता प्राप्त कर्मचारी महासंघों के साथ भी कोई संवाद नहीं किया गया और ना ही उनको विश्वास मे लिया गया, जो की भारतीय संविधान के सहभागिता के प्रबंधन के धारा की भी अनदेखी है। रेलवे ट्रेड यूनियन नेता श्री निराला ने सरकार के निर्णय को गलत बताया और सरकार को महंगाई भत्ते पर रोक लगाने के फैसले पर पुनर्विचार कर उसे फिर से बहाल करना को कहा। उन्होंने कहा “डीए को फ्रीज करने का फैसला गलत है। कहा कि निःसन्देह देश आज आर्थिक संकट से गुजर रहा है लेकिन इसकी मार केवल कर्मचारी पर क्यों? जबकि वो इस संकट में भी निष्ठापूर्वक काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मज़दूर वर्ग को दुबारा अंग्रेजों के जमाने में धकेलने की तैयारी है। ट्रेड यूनियन आंदोलन इस सबको चुपचाप सहने के लिए कतई तैयार नहीं है तथा अपनी सारी ताक़त और इच्छाशक्ति के साथ उन मज़दूर विरोधी, जन विरोधी नीतियों का मुकाबला करने का संकल्प लेता है, जिसके अभिन्न अंग ये मौजूदा हमले हैं। आने वाले दिनों में हमें पूरे देश में ग़ुलामी लादने की इस योजना के खिलाफ़ प्रतिरोध तैयार करना है। रेलवे ट्रेड यूनियन नेता एस.के.निराला ने कहा कि आज सम्पूर्ण देश में रेलकर्मी सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय “विरोध दिवस” पर है l बाहों में काली पट्टी बांध कर सरकार के श्रम विरोधी व गरीब विरोधी नीतियों का विरोध किया जा रहा है l उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित् मंत्री ने जो को 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है , उसी पैकेज में रेल कर्मचारियों हेतु D.A का पैकेज को भी शामिल किया जाय l

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