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राजस्थान में Hit and Run Law का विरोध तेज, परिवहन विभाग की दो टूक- कानून में नहीं किया संशोधन

राजस्थान में Hit and Run Law का विरोध तेज, परिवहन विभाग की दो टूक- कानून में नहीं किया संशोधन

ड्राइवरों को सजा से जुड़े नए कानून के लागू होने का विरोध बढ़ता जा रहा है. प्रदेशभर में रोडवेज बसों के संचालन पर भी इसका असर देखा जा रहा है. हालांकि परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि हिट एंड रन कानून में कोई संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि भारतीय न्याय संहिता में नया प्रावधान किया गया है. क्या है प्रावधान

ड्राइवरों को 10 साल तक की सजा से जुड़े जिस नए कानून को लेकर जगह-जगह विरोध देखा जा रहा है, वास्तव में उसे लेकर भ्रम बना हुआ है. इसे लेकर परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि हिट एंड रन कानून में और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों में किसी तरह का संशोधन नहीं किया गया है. यह कानून भारतीय न्याय संहिता 2023 में नए प्रावधान के तहत किया गया है. परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने बताया कि संसद ने भारतीय न्याय संहिता 2023 का नया कानून पारित किया है.

इस न्याय संहिता की धारा 106 के बिन्दु संख्या 2 में ड्राइवरों को सजा से जुड़ा प्रावधान किया गया है. इसमें यह साफ किया गया है कि लापरवाही पूर्वक या बेध्यानी से की गई ड्राइविंग के चलते यदि किसी की मौत होती है और उसकी सूचना ड्राइवर पुलिस को नहीं देता है तो उस स्थिति में उसे 10 साल तक की सजा हो सकती है.

नए कानून को लेकर क्या फैल

भारतीय न्याय संहिता 2023 में धारा 106 में किया गया है प्रावधान
इसके बिन्दु 2 में स्पष्ट किया गया कि यदि खतरनाक ड्राइविंग या लापरवाही से होती है मौत
तब ड्राइवर पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिए बगैर हो जाता है फरार
तो उस स्थिति में ड्राइवर को 10 साल तक की सजा व जुर्माना संभव
लेकिन हिट एंड रन कानून में पहले से है यह प्रावधान
मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 134 ए में किया गया है स्पष्ट
दुर्घटना के बाद भीड़ से घिरने पर दुर्घटनास्थल पर रुकना जरूरी नहीं
यानी दुर्घटना स्थल से दूर हटकर भी पुलिस को सूचना दे सकता है ड्राइवर
वहीं, इस कानून के चलते प्रदेश में जगह-जगह असर देखा जा रहा है. आज राजधानी जयपुर में मिनी बस संचालकों और निजी बस संचालकों ने बसों का संचालन बंद रखा. ट्रांसपोर्ट नगर स्थित बजरी मंडी बस स्टैंड से संचालित अलवर, धौलपुर, भरतपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर रूट की बसें बंद रही. वहीं, शहर में मिनी बसों का संचालन भी आंशिक रूप से बंद रहा. दिल्ली, अजमेर, आगरा सहित कई हाईवेज पर जाम के चलते रोडवेज बसें भी कम संख्या में संचालित हुई. वहीं कई शहरों में रोडवेज बस अड्डों के सामने प्राईवेट बस संचालकों ने जाम लगाया.

रोडवेज बसों पर क्या रहा असर ?

जयपुर से आगरा, अजमेर और दिल्ली रूट की बसें कम संख्या में चली
अलवर में रोडवेज के अनुबंधित ड्राइवरों ने बसों का संचालन रोक दिया
चित्तौड़गढ़ में उदयपुर और मंगलवाड़ रूट जाम हो गए
भरतपुर बस स्टैंड के बाहर प्राईवेट बस संचालकों ने जाम लगा दिया
डूंगरपुर डिपो से सागवाड़ा रूट पर जाम लगाया गया
राजसमंद के देवगढ़ कामलीघाट में हाईवे जाम होने से बसें नहीं चली
प्रतापगढ़ में बस स्टैंड के बाहर प्राईवेट बस संचालकों ने जाम लगाया
धौलपुर में बसेड़ी की बसें बंद, राजाखेड़ा से आगरा रूट पर भी जाम
झालावाड़ से काेई भी बस मध्यप्रदेश सीमा में नहीं जा सकी
अनूपगढ़ से रावला और सूरतगढ़ जाने वाली बसें रोकी गई
हनुमानगढ़ में प्राईवेट बस संचालकों के चलते बसें पूरी तरह बंद रही
बांसवाड़ा से बडोदरा, सूरत, इंदौर, रतलाम मार्ग पर जाम लगाया
नए कानून के विरोध में टैक्सी, ऑटो रिक्शा और गुड्स व्हीकल के संचालकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया है. वहीं ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के बस संचालकों ने कानून वापस नहीं लिए जाने तक हड़ताल पर रहने की बात कही है. यदि सरकार की तरफ से सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाते हैं तो आगामी दिनों में आंदोलन और भी उग्र हो सकता है.

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Author: pnews

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