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इस समय होगा कलयुग का अंत, आएगी भयंकर तबाही

इस समय होगा कलयुग का अंत, आएगी भयंकर तबाही

लगभग 500 साल पहले संत अच्युतानंद दास ने अपनी योग शक्ति से भविष्य मालिका नाम एक किताब लिखी थी. यह किताब इन दिनों काफी सुर्खियों में बनी हुई है. संत अच्युतानंद दास ने 318 किताबे भविष्य पर लिखी हुई हैं.

भविष्य मालिका को अच्युतानंद मलिका के नाम से भी जाना जाता है. भविष्य मालिका के मुताबिक, धरती 3 चरणों से गुजर रही है. पहले कलयुग का अंत होगा, दूसरा महाविनाश होगा और तीसरा नया युग आएगा.
कलयुग के अंत में क्या होगा?

भविष्य मालिका के अनुसार, कलियुग के अंत में पूरी दुनिया में सनातन धर्म के प्रतीक चिन्ह मिलने लगेंगे. बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के कारण कई पुराने गांव और शहर दोबारा नजर आएंगे.
भविष्य मालिका के मुताबिक, बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्र, अमरनाथ गुफा और गंगोत्री से भगवान चले जाएंगे. इन तीर्थ स्थलों से भगवान के लुप्त होने की भविष्यवाणी को एक महाविनाश के रूप में बताया गया है. भगवान के लुप्त होने से कलयुग का अंत हो जाएगा.
अधर्म के बढ़ने और प्राकृतिक बदलाव की वजह से कई देव स्थान लुप्त हो जाएंगे, जिसकी मुख्य वजह धरती का तापमान बढ़ने, प्राकृतिक बदलाव और अधर्म का राज होगा. इस समय महाविनाश और युद्ध शुरू होगा.
भविष्य मालिका के मुताबिक, चौथा महायुद्ध धर्म और अधर्म के बीच होगा. यह धर्मयुद्ध महाविनाश लेकर आएगा. महाविनाश से पहले भगवान शिव के द्वारा किए गए बदलाव धरती पर देखें जाएंगे.
वहीं, कलयुग के अंत जिन लोगों ने महाभारत के युद्ध में हिस्सा नहीं लिया था. वे सभी लोग इस महायुग में भाग लेंगे.
कहा जा रहा है कि महाभारत के युद्ध कई बड़े योद्धा युद्ध लड़ नहीं पाए थे, जिनकी इच्छा कलयुग के अंत में पुरी होगी. भगवान बलराम भी महाभारत युद्ध में हिस्सा नहीं ले पाए थे. भगवान बलराम को ही जगन्नाथपुरी में बलबद्र के नाम जाना जाता है. भगवान बलराम कलयुग के अंत प्रकट होंगे और कलयुग के अंत में युद्ध लड़ेंगे.

भविष्य मालिका के अनुसार, साल 2022 में कलयुग का अंत हो गया है और अब विनाश का शुरू होगा. माना जा रहा है कि शनि के कुंभ राशि में आते ही तीसरे विश्‍व युद्ध की नींव पड़ जाएगी. भविष्य मालिका के अनुसार, जब शनि कुंभ राशि में आएंगे, तो महाविनाश शुरू होगा.

ये लेख सामान्य जानकारी है, जिसकी पी न्यूज पुष्टि नहीं करता है

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Author: pnews

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