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बिहार में केके पाठक के इस्तीफे की खबर 100 फीसदी अफवाह

बिहार में केके पाठक के इस्तीफे की खबर 100 फीसदी अफवाह

पटना: बिहार में इन दिनों एक अफवाह तेजी से दौड़ रही है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इस्तीफा दे दिया है, या देने वाले हैं। कुछ तथाकथित पत्रकार और यूट्यूबर इस खबर को हवा दे रहे हैं। लेकिन इसके पीछे का सच जान कर आप हैरान रह जाएंगे। सच ये है कि केके पाठक के इस्तीफे की खबर 100 फीसदी, शत प्रतिशत अफवाह है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। केके पाठक ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। सबसे बड़ी बात ये कि वो अपना इस्तीफा राज्य सरकार को दे ही नहीं सकते। वो क्या, कोई भी आईएएस राज्य सरकार को अपने इस्तीफे की चिट्ठी नहीं देता।

आखिर क्या है एक आईएएस के इस्तीफे की प्रक्रिया
हम आपको बड़े आसान शब्दों में समझा देते हैं कि एक आईएएस के इस्तीफे की पूरी प्रक्रिया क्या है। सबसे पहले आपको ये बता दें कि ये आसान नहीं होता। किसी कैडर (राज्य) में तैनात आईएएस अफसर राज्य के मुख्यमंत्री या राज्यपाल तक को अपने इस्तीफे की चिट्ठी नहीं देता। एक आईएएस अधिकारी को अपना इस्तीफा राज्य के मुख्य सचिव को सौंपना होता है। अगर वो IAS अफसर अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर है, तो उसे अपना इस्तीफा संबंधित मंत्रालय या विभाग के सचिव को सौंपना जरूरी है। फिर वो मंत्रालय या विभाग अपनी टिप्पणियों या फिर सिफारिश के समेत उस IAS अधिकारी का रिजाइन संबंधित राज्य कैडर को भेजता है।

IAS के इस्तीफा देने के बाद क्या होता है
इतने में ही किसी IAS का इस्तीफा मंजूर नहीं हो जाता है। इस्तीफे के बाद स्टेट ये देखने के लिए जांच करता है कि क्या अधिकारी के खिलाफ कुछ बकाया तो नहीं है। साथ ही अधिकारी की सतर्कता स्थिति या उसके खिलाफ भ्रष्टाचार जैसा कोई केस पेंडिंग है या नहीं। अगर ऐसा कोई भी मामला सामने आता है तो ज्यादातर मामलों में इस्तीफा खारिज कर दिया जाता है। अब सवाल ये है कि इस्तीफे को स्वीकार करने का अधिकार यानी सक्षम प्राधिकार किसके पास है। इसका जवाब है कि IAS के मामले में DOPT (Department of Personnel and training) में राज्य मंत्री के पास ये अधिकार होता है। ये भी जान लीजिए कि डीओपीटी के प्रभारी मंत्री होने की वजह से प्राइम मिनिस्टर यानी प्रधानमंत्री IAS को लेकर फैसला खुद लेते हैं। यानी एक आईएएस के इस्तीफे की चिट्ठी सीएम के पास सीधे न जा कर मुख्य सचिव से होते हुए प्रधानमंत्री तक पहुंचती है
केके पाठक के इस्तीफे की खबर इसलिए अफवाह
अब सवाल ये कि केके पाठक के इस्तीफे की खबर अफवाह क्यों है? अभी तक इसको लेकर कोई भी नोटिफिकेशन यानी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। जबकि आमतौर पर ऐसे किसी भी मामले में अधिसूचना जारी करने का प्रावधान है। रही बात केके पाठक की, तो वो अधिकारी इस्तीफा क्यों देगा, जिसे खुद राज्य के सीएम व्यवस्था में सुधार के लिए पसंद करते आए हैं। ये भी जाहिर है कि जब भी सीएम नीतीश कुमार को किसी विभाग में आमूल चूल परिवर्तन की जरूरत पड़ी है तो उन्होंने कुछ चुनिंदा आईएएस अफसरों पर भरोसा किया है। केके पाठक भी उन्हीं अफसरों में से एक हैं।

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Author: pnews

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