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दिल्ली नोएडा औऱ गाजियाबाद में फिर भूकंप के झटके

दिल्ली नोएडा औऱ गाजियाबाद में फिर भूकंप के झटके

दिल्ली नोएडा औऱ गाजियाबाद में फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. सोमवार रात करीब 11.45 बजे भूकंप के ये झटके महसूस किए गए. पूरे उत्तर भारत में ये भूकंप का असर देखा गया है. हालांकि भूकंप का केंद्र कहां था औऱ तीव्रता कितनी थी, इसका अभी कुछ पता नहीं चला है. भूकंप जब आया तो लोग रामलला प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को देखने के बाद जगे हुए थे, लेकिन दहशत के मारे वो घरों से बाहर भागे. पिछले दस दिनों के दौरान यह उत्तर भारत में दूसरा भूकंप का झटका है. जबकि उत्तर भारत में एक महीने में तीसरी बार धरती हिली है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में भूकंप के ये झटके महसूस किए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र चीन के दक्षिणी शिनजियांग प्रांत में था, जहां 7.2 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर मापा गया है. चीन में भूकंप का समय 11.39 बजे बताया गया है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की ओर से यह जानकारी दी गई है. लेकिन भूकंप इतना भयानक था कि हजारों किलोमीटर दूर इसका कंपन महसूस किया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चीन में देर रात शिनजियांग प्रांत के दक्षिणी हिस्से में भूकंप का बड़ा झटका महसूस किया गया. इसमें कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर है. हालांकि इसमें हताहतों के बारे में अभी कुछ नहीं कहा गया है. नेशनल सेंटर पर सीस्मोलॉजी यानी भूकंप के बारे में जानकारी रखने वाली संस्था का कहना है कि यह शिनजियांग प्रांत में 80 किलोमीटर की गहराई में इसका केंद्र था.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ (Xinhua News Agency ) के अनुसार, शिनजियांग (Xinjiang region) के वुशु काउंटी में आक्सू इसका केंद्र था. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, तियान शान माउंटेन रेंज में यह जलजला आया. यह पहले ही भूकंप के खतरे वाला क्षेत्र है. इससे पहले 1978 में इतना बड़ा भूकंप इस क्षेत्र में आया था, जिसकी तीव्रता 7.1 थी. भूकंप के बाद कुछ हल्के झटके भी आए. पड़ोसी देश भारत के अलावा किर्गिस्तान औऱ कजाकिस्तान की राजधानी अलमाटी में भी धरती हिली.

Earthquake in Uttarakhand: अभी 15 दिनों पहले उत्तराखंड के उत्तरकाशी औऱ पिथौरागढ़ जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. उत्तरकाशी में तो 18 जनवरी को भूकंप के झटके आए थे. वहां भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 बताई गई थी. उत्तराखंड चीन से सटा इलाका है. जबकि उसके एक हफ्ते पहले पिथौरागढ़ में धरती डोली थी.

इससे पहले नवंबर में भूकंप का बड़ा झटका आया था, जिसमें करीब एक मिनट तक धरती डोलती रही थी, लेकिन उसके बाद यूपी एवं उत्तराखंड में कई हल्के झटके महसूस किए जा चुके हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी रेंज की प्लेटों में बढ़ती अस्थिरता भूकंप का कारण हो सकती है. हिन्दुकुश पर्वत शृंखला में पहले भी कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं. ये हल्के झटके किसी बड़े विनाशकारी भूकंप के संकेत भी हो सकते हैं.

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Author: pnews

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