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रेप केस में PAC के दो जवानों को उम्रकैद का सजा

रेप केस में PAC के दो जवानों को उम्रकैद का सजा

 

रामपुर तिराहा कांड को 30 वर्ष बीत जाने के बाद कोर्ट ने दरिंदगी करने वाले दो पुलिस कर्मियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट का यह फैसला 30 सालों से इंसाफ की गुहार कर रही उत्तराखंडवासियों के जख्मों पर कुछ मरहम तो लगा है, लेकिन एक लंबा अरसा बीतने से दिल में टीस भी है. अगल राज्य की मांग को लेकर पहाड़ के लोग 30 साल पहले आंदोलन के लिए दिल्ली जा रहे थे. मुजफ्फरनगर जिले के रामपुर तिराहे पर दिल्ली जा रहे महिला और पुरूष आंदोलनकारियों को रोका गया. घटना के वक्त मौजूद लोगों ने बताया कि दिल्ली जा रहे इन आंदोलनकारियों पर पीएसी के जवानों ने फायरिंग की, जिसमें 7 आंदोलनकारियों की मौत हो गयी थी. इस घटना के बाद PAC के जवानों पर कई महिलाओं से छेड़खानी और रेप करने का आरोप भी लगा था.

15 मार्च 2024 को एडीजे शक्ति सिंह की कोर्ट ने रामपुर तिराहा कांड मामले में दो आरोपियों जवानों को किया दोषी करार दिया है. कोर्ट ने मिलाप सिंह व वीरेंदर प्रताप को किया दोषी करार दिया है. यह दोनों 2 अक्टूबर 1994 को पीएसी 41 वीं वाहिनी मे तैनात थे. IPC 376, 354, 509 में दोनों पर दोष सिद्ध हुए. शुक्रवार को सीबीआई बनाम मिलाप सिंह मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-7 के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने दो पीएसी के जवानों को दोषी करार दिया. इस केस की सुनवाई 5 मार्च को पूरी हो चुकी थी.

उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा, शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह ने कहा कि 30 साल पुराने रामपुर तिराहा कांड से जुड़े मिलाप सिंह केस में अदालत ने 15 मार्च को फैसला सुनाने का दिन मुकर्रर किया था. फैसले को लेकर कोर्ट परिसर में पुख्ता इंतजाम किये गये थे. पीएसी गाजियाबाद में तैनात सिपाही मिलाप सिंह एटा के निधौली कलां थाना क्षेत्र के होर्ची गांव का रहने वाला है. वहीं दूसरा सिपाही वीरेंद्र प्रताप सिद्धार्थनगर के गांव गौरी का रहने वाला है.कोर्ट ने इन दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

 

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Author: pnews

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