बिहार

ताजपुर में गुजरात के मोरबी पुल हादसा में दिवंगत मृत आत्मा के शान्ति के लिए दी गई श्रद्धांजलि

ताजपुर में गुजरात के मोरबी पुल हादसा में दिवंगत मृत आत्मा के शान्ति के लिए दी गई श्रद्धांजलि

*समस्तीपुर के ताजपुर में गुजरात के मोरबी पुल हादसा में दिवंगत मृत आत्मा के शान्ति के लिए दी गई श्रद्धांजलि*

 

गुजरात के मोरबी पुल हादसे में मारे गए लोगों की स्मृति में शनिवार को ताजपुर के गांधी चौक के पास भाकपा – माले प्रखण्ड कमिटी की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया । कैंडल जलाकर माले कार्यकर्ताओं व आम नागरिकों ने एक मिनट का मौन रखकर सभी मृतकों को अपनी श्रद्धांजलि दी । दरभंगा के भाकपा – माले के वरिष्ठ नेता काॅ. लक्ष्मी पासवान और पत्रकारिता जगत के जाने – माने फोटोग्राफर एपी दुबे को भी श्रद्धांजलि दी गई । श्रद्धांजलि सभा को माले के प्रखण्ड कमिटी सदस्य ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, मो० एजाज, मो० कैयूम, शंकर सिंह, बासुदेव राय समेत मुकेश महेता, मो० तैयब, रकटू महतो, उपेंद्र शर्मा, रवि कुमार, विपीन कुमार, डा० रवि ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया जबकि सभा की अध्यक्षता प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया । मौके पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि मोरबी पुल हादसा भाजपा के तथाकथित विकास माॅडल की पोल खोलता है । गुजरात का बहुप्रचारित माॅडल विकास का नहीं बल्कि विनाश व जनसंहार का माॅडल है । आम लोगों की जिंदगी को भाजपाई खेल समझते हैं । आज पूरा भारत जानना चाहता है कि एक घड़ी बनाने वाली कंपनी को आखिर क्यों पुल को मरम्मत करने का ठेका दिया गया? गुजरात सरकार ने लगभग 200 लोगों को जानबूझकर मौत के मुंह में ढकेलने का काम किया । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उस वक्त गुजरात में ही थे , लेकिन वे रैली संबोधित करते रहे । एक दिन बाद घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे । उन अस्पतालों की हकीकत आज सबके सामने है । यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है । ऐसी संवेदनहीन व भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार को देश अब एक पल भी बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है । आने वाले गुजरात चुनाव और 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपाइयों की सरकार को सबक सिखाया जाएगा । माले ने कहा हमारी मांग है कि सभी घायलों के उचित इलाज का प्रबंध सरकार द्वारा किया जाना चाहिए । भ्रष्टाचार में लिप्त व अव्वल दर्जे की लापरवाही बरतने वाले इस घटना के जिम्मेवार अधिकारियों और ओरेवा कंपनी पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ।

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