गयाजी के शुभम कुमार बने JEE Mains 2026 के स्टेट टॉपर, 100 परसेंटाइल के साथ देश में तीसरा स्थान
गयाजी (बिहार): कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी के दम पर गयाजी के शुभम कुमार ने JEE Mains 2026 में 100 परसेंटाइल हासिल कर बिहार में स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। देशभर में 100 परसेंटाइल लाने वाले 12 छात्रों में शुभम तीसरे स्थान पर रहे। उनकी इस सफलता से परिवार और शहर में खुशी की लहर है।
10वीं तक नहीं ली कोई ट्यूशन
शुभम कुमार नादरा गंज मोहल्ले के निवासी हैं। खास बात यह है कि उन्होंने 10वीं तक कभी कोई ट्यूशन नहीं ली। पांचवीं कक्षा तक उनकी मां कंचन देवी ने उन्हें पढ़ाया, इसके बाद उन्होंने सेल्फ स्टडी के जरिए मैट्रिक की परीक्षा पास की।
बोर्ड परीक्षा के बाद उन्होंने एलन से जुड़कर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की।
14 घंटे की पढ़ाई से मिली सफलता
शुभम ने बताया कि 11वीं में उन्होंने ऑनलाइन क्लास की और स्कॉलरशिप मिलने के बाद 12वीं में कोटा सेंटर में ऑफलाइन पढ़ाई की।
उनका रोजाना का शेड्यूल काफी सख्त था—
सुबह 6 घंटे की तीन क्लास
इसके अलावा 8 घंटे सेल्फ स्टडी
लगातार 14 घंटे की पढ़ाई ने उन्हें यह मुकाम दिलाया।
अब JEE Advanced पर फोकस
शुभम का लक्ष्य IIT Bombay में कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना है। उन्होंने कहा कि अब वह JEE Advanced की तैयारी में जुट गए हैं। आगे चलकर रिसर्च फील्ड में करियर बनाने का सपना भी रखते हैं।
असफल छात्रों को दिया संदेश
मीडिया से बातचीत में शुभम ने कहा कि जिन छात्रों का इस बार प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, वे निराश न हों। दूसरे प्रयास में बेहतर प्रदर्शन कर देश के अच्छे कॉलेजों में दाखिला पाया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “मेहनत पर फोकस करें, सफलता जरूर मिलेगी।”
परिवार का मिला पूरा सहयोग
शुभम के पिता शिव कुमार शहर के रमना रोड पर हार्डवेयर व्यवसाय चलाते हैं। उनकी बड़ी बहन श्रिया कुमारी IIT Patna से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रही हैं।
मां कंचन देवी ने बताया कि दोनों बच्चों ने कभी ट्यूशन नहीं ली और हमेशा सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। परिवार ने पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया।
क्या है JEE परीक्षा?
इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे IIT और NIT में प्रवेश के लिए JEE परीक्षा पास करनी होती है। JEE Mains क्वालिफाई करने वाले छात्रों को अच्छे संस्थानों में प्रवेश मिलता है, जबकि JEE Advanced पास करने पर IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला मिलता है। यह परीक्षा National Testing Agency (NTA) आयोजित करती है।
शुभम की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।






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