ब्रेकिंग न्यूज #बिहार पुलिस ने गण फैक्ट्री का किया खुलासा
बिहार के मुंगेर जिले में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है. नया रामनगर थाना क्षेत्र के बनरघट्टा पहाड़ी इलाके में संचालित तीन मिनीगन फैक्ट्री का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन किया. यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया.
तीन आरोपी गिरफ्तार: पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नया रामनगर थाना की टीम ने बनरघट्टा पहाड़ी पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान वहां मौजूद तीन व्यक्ति पुलिस को देखते ही भागने लगे. पुलिसकर्मियों ने उन्हें खदेड़कर सफलतापूर्वक पकड़ लिया. यह ऑपरेशन रात के अंधेरे और पहाड़ी इलाके की चुनौतियों के बावजूद बखूबी अंजाम दिया गया. सदर एसडीपीओ राकेश रंजन ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यह क्षेत्र अवैध हथियारों के उत्पादन का केंद्र बन चुका था.
पुलिस ने गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर बरदह गांव निवासी शाहवाज आलम उर्फ बिल्ला, मोहम्मद तारीख अनवर उर्फ चुन्ना और मोहम्मद मेहताब के रूप में की है. इनमें से दो व्यक्ति हथियार कारीगर हैं, जबकि एक तस्कर के रूप में काम कर रहा था. ये लोग लंबे समय से इस अवैध धंधे में संलिप्त बताए जा रहे हैं. पुलिस अब इनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके.
बरामद हथियार और उपकरण: छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की. इसमें 3 तैयार पिस्टल (मैगजीन सहित), 2 अर्धनिर्मित पिस्टल, 2 अतिरिक्त मैगजीन, 3 बेस मशीन, 1 हैंड ड्रिल मशीन और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य उपकरण शामिल हैं. ये सभी सामग्रियां तीन अलग-अलग मिनीगन फैक्ट्री से जब्त की गईं, जो पहाड़ी के दुर्गम इलाके में छिपाकर संचालित की जा रही थी.
हथियार तस्करी के नेटवर्क की जांच: डीएसपी साइबर सह प्रभारी डीएसपी सदर राकेश रंजन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि यहां निर्मित हथियार किन-किन इलाकों में सप्लाई किए जाते थे. पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों तक फैला हो सकता है. अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है.
मुंगेर में अवैध हथियारों का खतरा: मुंगेर जिला लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण और तस्करी का गढ़ माना जाता रहा है. पहाड़ी और जंगली इलाकों में छिपकर चलने वाली ऐसी फैक्टरियां अपराधियों को आसानी से हथियार उपलब्ध कराती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है. पुलिस की यह सफलता अपराधियों में दहशत पैदा करने वाली है और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर लगाम कसने में मददगार साबित होगी.
पुलिस की सतर्कता और आगे की कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच जारी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि अपराध की जड़ों को समाप्त किया जा सके.






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