बिहार में वज्रपात से अब नहीं जाएगी जान! ISRO स्थापित करेगा नया केंद्र
पटना: बिहार में आकाशीय बिजली (वज्रपात) से होने वाली मौतों को रोकने के लिए बड़ी पहल की तैयारी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) राज्य में अपना केंद्र स्थापित करने जा रहा है।
मंगलवार को स्पेस एप्लीकेशन के निदेशक निलेश एम देसाई बिहार विधानमंडल पहुंचे, जहां विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में इसरो केंद्र खोलने की योजना की जानकारी दी।
2–3 घंटे पहले मिलेगा वज्रपात का अलर्ट
निलेश एम देसाई ने बताया कि बिहार में हर साल वज्रपात से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। अभी समय रहते सटीक चेतावनी नहीं मिल पाती।
उन्होंने कहा कि इसरो की कोशिश होगी कि ठनका गिरने से दो से तीन घंटे पहले इसकी सूचना बिहार मौसम विभाग को मिल जाए, ताकि आम लोगों तक समय पर अलर्ट पहुंचाया जा सके और वे घर से बाहर न निकलें।
बाढ़ और सुखाड़ में भी तकनीकी मदद
इसरो केवल वज्रपात ही नहीं, बल्कि बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं में भी राज्य सरकार की मदद करेगा।
सैटेलाइट के जरिए बाढ़ की निगरानी
सूखे की स्थिति का आकलन
आपदा प्रबंधन विभाग को तकनीकी सहयोग
इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण चिन्हित करने में भी मदद दी जाएगी।
बिहार में बनेंगे दो इसरो केंद्र
निलेश एम देसाई ने बताया कि बिहार में दो इसरो केंद्र स्थापित करने की योजना है। इस संबंध में मुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो बिहार में आपदा प्रबंधन और मौसम पूर्वानुमान की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी।






Total Users : 10063073
Views Today : 488