Explore

Search

February 26, 2026 2:42 pm

Jaipur High Court Decision: अवैध हिरासत नहीं माना मामला, याचिकाकर्ता पर ₹50,000 हर्जाना – जैविक पिता को लेकर बड़ा फैसला”

Jaipur High Court Decision: अवैध हिरासत नहीं माना मामला, याचिकाकर्ता पर ₹50,000 हर्जाना – जैविक पिता को लेकर बड़ा फैसला”

 

जयपुर हाईकोर्ट ने अवैध हिरासत याचिका खारिज करते हुए कहा कि बच्चा मां और जैविक पिता के साथ है तो यह अवैध हिरासत नहीं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया। पढ़ें पूरा मामला।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जयपुर से एक अहम कानूनी फैसला सामने आया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि बच्चा अपनी मां और जैविक पिता के साथ रह रहा है, तो उसे अवैध हिरासत नहीं माना जा सकता।
खंडपीठ में न्यायाधीश महेंद्र गोयल और समीर जैन ने अलवर निवासी याचिकाकर्ता की याचिका खारिज कर दी। साथ ही, याचिकाकर्ता पर ₹50,000 का हर्जाना लगाया गया।
बच्चे के जन्म को लेकर विवाद
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दावा किया कि उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में इससे इनकार किया।
बाद में अधीनस्थ अदालत द्वारा साक्ष्य मांगे जाने पर पुलिस ने स्वीकार किया कि महिला ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था।
हालांकि, पत्नी स्वयं बच्चे को जन्म देने से इनकार कर रही है। ऐसे में याचिकाकर्ता ने बच्चे के जीवन को खतरा बताते हुए उसकी बरामदगी की मांग की।
जैविक पिता को लेकर आरोप
कोर्ट ने आदेश में उल्लेख किया कि याचिकाकर्ता पहले ही अधीनस्थ अदालत में स्वीकार कर चुका है कि उसकी पत्नी मई 2024 से अपनी बहन और जीजा के साथ रह रही है।
याचिका में पत्नी और उसके जीजा के संबंध होने का आरोप लगाया गया था, जिससे बच्चे के जन्म का दावा किया गया।
कोर्ट ने कहा कि जब स्वयं पति बच्चे को अपना नहीं मान रहा और जैविक पिता को लेकर आरोप लगा रहा है, तो अवैध हिरासत का प्रश्न ही नहीं उठता।
अदालत की टिप्पणी https://pnews.co.in
हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की याचिका न्यायालय का समय बर्बाद करती है। इसलिए याचिकाकर्ता पर ₹50,000 का हर्जाना लगाया गया।

K k sanjay
Author: K k sanjay

Leave a Comment

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!