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March 3, 2026 10:02 pm

Patna Cyber Crime Bust 2026: ‘Mahanagar Gas’ के नाम पर करोड़ों की ठगी, जामताड़ा-पुणे गिरोह के 4 गिरफ्तार

Patna Cyber Crime Bust 2026: ‘Mahanagar Gas’ के नाम पर करोड़ों की ठगी, जामताड़ा-पुणे गिरोह के 4 गिरफ्तार

 

बिहार की राजधानी पटना के साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के न्यू जगनपुरा से अंतरराज्यीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ‘महानगर गैस’ का कनेक्शन दिलाने या कनेक्शन काटने की धमकी देकर देशभर के लोगों को शिकार बना रहा था।

जामताड़ा और पुणे कनेक्शन: मास्टरमाइंड महाराष्ट्र का
गिरफ्तार आरोपियों में तीन झारखंड के जामताड़ा निवासी—गुलटन यादव, अरुण मंडल और पंकज कुमार शामिल हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड श्रीधर महाराष्ट्र के पुणे का रहने वाला बताया गया है।
सभी आरोपी पटना के न्यू जगनपुरा में किराए के फ्लैट से पिछले 5–6 महीनों से ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।

ऐसे उड़ाते थे बैंक खाते से पैसे
जांच में खुलासा हुआ कि ठग मुख्य रूप से महाराष्ट्र की महानगर गैस लिमिटेड के नाम पर लोगों को कॉल करते थे।
ठगी का तरीका:
गैस कनेक्शन बंद होने की चेतावनी
नया कनेक्शन दिलाने का झांसा
व्हाट्सएप/एसएमएस से APK फाइल भेजना
इंस्टॉल होते ही मोबाइल और बैंक डिटेल्स पर नियंत्रण
खाते से तुरंत रकम ट्रांसफर
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह टेक्निकल तरीके से रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खातों से पैसे साफ कर देता था।

20 राज्यों में केस, करोड़ों की ठगी का अनुमान
तकनीकी जांच में सामने आया कि गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत करीब 20 राज्यों में साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है।

18 मोबाइल बरामद, जेल से छूटकर फिर बनाया नेटवर्क
साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष नीतीश चन्द्र धारिया ने बताया कि आरोपियों के पास से 18 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे 4–5 वर्षों से साइबर अपराध में सक्रिय थे और पहले भी जेल जा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद इन्होंने फिर से संगठित तरीके से ठगी का नेटवर्क खड़ा किया।

Telegram से मिलता था डेटा
गिरोह टेलीग्राम के जरिए लोगों का डेटा हासिल करता था। मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां सप्लाई की जाती थीं, जिनके आधार पर टारगेट कॉलिंग की जाती थी।
पुलिस अब उन मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी है, जो इस गिरोह को डेटा उपलब्ध कराते थे।

फॉरेंसिक जांच और बैंक ट्रेल खंगाल रही पुलिस
बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। बैंक खातों के लेनदेन का ब्योरा निकाला जा रहा है। अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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