बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, वरिष्ठ दलित नेता डॉ. अशोक राम JDU में शामिल
पटना, 3 अगस्त 2025।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और छह बार के विधायक डॉ. अशोक राम ने कांग्रेस छोड़कर जनता दल यूनाइटेड (JDU) का दामन थाम लिया है। पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ली।
इस मौके पर JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी और जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
डॉ. अशोक राम समस्तीपुर जिले के रोसड़ा विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस की ओर से समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से कई बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे पूर्व में बिहार सरकार में मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता भी रह चुके हैं।
“कांग्रेस अब नेहरू-राजीव वाली पार्टी नहीं रही” – डॉ. राम
जदयू में शामिल होने के बाद डॉ. अशोक राम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “लालू यादव कांग्रेस को खत्म करने की मंशा में सफल हो गए हैं। अब कांग्रेस वह पार्टी नहीं रही, जो कभी नेहरू और राजीव गांधी के दौर में थी। पार्टी में समर्पित नेताओं की कद्र नहीं रही।”
उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें दरकिनार कर दिया गया और बिना कोई संवाद किए उन्हें ‘घर बैठा दिया गया’। डॉ. राम के अनुसार, “कम से कम मुझसे पूछा तो जाना चाहिए था। टिकट ऐसे लोगों को दिया गया जो पार्टी के बाहर से आए थे। यह सीधा अपमान था।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के और कई नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
डॉ. राम का जदयू में शामिल होना बिहार की राजनीति में दलित समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे राज्य के दलित समुदाय में प्रभावशाली माने जाते हैं और लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत चेहरा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनके इस निर्णय से कांग्रेस को संगठनात्मक और जातिगत स्तर पर नुकसान हो सकता है, जबकि जदयू को इससे आगामी चुनाव में मजबूती मिल सकती है।






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