Bihar Farmer Success Story: पूर्वी चंपारण में अमेरिकी बीज से काला आलू, खेती में बड़ा नवाचार
मोतिहारी/पूर्वी चंपारण: जिले के कोटवा प्रखंड के एक प्रगतिशील किसान ने खेती में नवाचार कर नई मिसाल पेश की है। किसान ने अमेरिका से मंगाए गए विशेष बीज की मदद से चंपारण की मिट्टी में काले आलू की सफल खेती की है। इस अनोखी पहल से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि किसान ने करीब पांच हजार रुपये प्रति किलो की दर से बीज मंगवाया था। प्रयोग के तौर पर शुरू की गई खेती अब बेहतर उत्पादन देने लगी है। काले आलू का आकार सामान्य आलू से अलग और रंग गहरा बैंगनी-काला होता है, जो बाजार में आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार काले आलू में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है। इसमें विटामिन और खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। यही वजह है कि इसकी मांग बड़े शहरों और विशेष बाजारों में बढ़ रही है।
किसानों के लिए नई संभावना
किसान का कहना है कि शुरुआत में लागत अधिक थी, लेकिन उत्पादन और बाजार मूल्य बेहतर मिलने से अच्छी आमदनी की संभावना है। यदि सरकार और कृषि विभाग की ओर से तकनीकी सहयोग और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो यह फसल क्षेत्र के किसानों के लिए आय का नया स्रोत बन सकती है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नवाचार और उन्नत बीजों के प्रयोग से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
पूर्वी चंपारण की यह पहल अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गई है।






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