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February 14, 2026 7:11 am

17 फरवरी 2026 को लगेगा दुर्लभ सूर्य ग्रहण, ज्योतिषीय दृष्टि से मानी जा रही बड़ी हलचल की संभावना

17 फरवरी 2026 को लगेगा दुर्लभ सूर्य ग्रहण, ज्योतिषीय दृष्टि से मानी जा रही बड़ी हलचल की संभावना

साल 2026 खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 17 फरवरी 2026 को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे 37 वर्षों बाद कुंभ राशि में बनने वाली विशेष ग्रह स्थिति से जोड़ा जा रहा है। ज्योतिषाचार्य एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा के अनुसार इस दौरान सूर्य के साथ राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा की युति बन सकती है, जिसे प्राकृतिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों का संकेत माना जा रहा है।
यह वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण होगा, जो भारतीय समयानुसार दोपहर 3:27 बजे शुरू होकर शाम 6:06 बजे तक रहेगा। हालांकि यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, तंजानिया, अर्जेंटीना, चिली सहित अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा।
ज्योतिषीय आकलनों के अनुसार इस ग्रहण को प्राकृतिक आपदाओं, राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव जैसी संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कुछ सकारात्मक संकेत भी बताए गए हैं, जैसे व्यापार में तेजी, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और बीमारियों में कमी की संभावना।
खगोल विज्ञान के विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है और इसके प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक तथा ज्योतिषीय मत अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए लोगों से अपील की जाती है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रमाणिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
उल्लेखनीय है कि साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा, जो दुनिया के कई अन्य हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में दृश्य नहीं होगा।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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