बिहार में डांस की आड़ में मानव तस्करी! पुलिस का बड़ा खुलासा
बिहार के नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देश पर रविवार को एक बड़े रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया गया. सरमेरा बाजार में संचालित एक आर्केस्ट्रा अड्डे पर संयुक्त टीम ने छापेमारी की. इस कार्रवाई में ऑर्केस्ट्रा की आड़ में फंसी 9 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया, जबकि एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लिया गया. यह अभियान मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा है.
चेरो रोड स्थित मकान में छापेमारी: सरमेरा बाजार के चेरो रोड स्थित मकान में चल रहे आर्केस्ट्रा अड्डे पर छापेमारी की गई. टीम ने सूचना के आधार पर अचानक धावा बोलकर जगह की तलाशी ली. जांच में पाया गया कि यहां नाबालिग बालिकाओं को जबरन रखा जा रहा था और उनका शोषण किया जा रहा था. मुक्त कराई गई सभी 9 नाबालिग लड़कियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र की निवासी बताई गई हैं. आर्केस्ट्रा संचालक भी इसी क्षेत्र का निवासी बताया गया है.
कार्रवाई में दिल्ली से रेस्क्यू फाउंडेशन के जांच पदाधिकारी अक्षय पांडेय, मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह तथा पश्चिम बंगाल के रेस्क्यू एंड रिलीफ फाउंडेशन के सिद्धांत घोष शामिल थे. इसके अलावा जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य धनंजय कुमार और अन्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पूरी कार्रवाई का समन्वय पुलिस अधीक्षक नालंदा की टीम द्वारा किया गया, जिसमें महिला थाना, अनैतिक मानव व्यापार निरोधक इकाई (एएचटीयू), पुलिस लाइन बल और सरमेरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी.
मानव तस्करी की जांच जारी: इस मामले में सरमेरा थाना में आर्केस्ट्रा संचालकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है. विशेष रूप से मानव तस्करी से जुड़े संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, जिसमें बालिकाओं को कैसे लाया गया, कौन-कौन शामिल था और क्या यह बड़ा नेटवर्क है, इसकी जांच हो रही है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बालिकाओं की सुरक्षित अभिरक्षा और चिकित्सीय जांच: सरमेरा थाना अध्यक्ष साकेंद्र कुमार ने बताया कि रेस्क्यू के बाद सभी नाबालिग बालिकाओं को महिला सिपाही की सुरक्षित अभिरक्षा में थाना लाया गया. उनकी चिकित्सीय जांच कराई गई, ताकि किसी प्रकार की शारीरिक क्षति या स्वास्थ्य समस्या का पता लगाया जा सके. जांच के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां उनकी सुरक्षा, पुनर्वास और आगे की कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी. पुलिस ने बालिकाओं से प्रारंभिक पूछताछ की है, जिसमें तस्करी के तरीकों और शोषण की जानकारी सामने आई है.
नाबालिगों के शोषण के खिलाफ बढ़ती सतर्कता: यह कार्रवाई बिहार में आर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिगों के शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है. ऐसे कई मामलों में पुलिस और एनजीओ की टीमें सक्रिय हैं. राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग और अन्य संस्थाओं के हस्तक्षेप से ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ संभव हो रहा है. प्रशासन का कहना है कि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी.






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