वर्दी में गंगा में कूदकर जीवन बचाने का साहसिक प्रयास
पटना जिले के दीघा घाट
“यातायात पुलिस की ड्यूटी सड़कों को संभालने की होती है, लेकिन कर्तव्य और मानवता की कोई सीमा नहीं होती”—इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया है बिहार पुलिस की महिला यातायात सिपाही तारा कुमारी (कांस्टेबल संख्या–3150) ने।
दीघा घाट, पटना पर गंगा नदी में दो युवकों के डूबने की घटना के दौरान, महिला सिपाही तारा कुमारी ने अपनी निर्धारित यातायात ड्यूटी से कहीं आगे बढ़कर अद्भुत साहस और मानवता का परिचय दिया। बिना किसी सुरक्षा उपकरण, बिना किसी सहायता की प्रतीक्षा किए, उन्होंने वर्दी में ही गंगा नदी में छलांग लगाकर डूबते युवकों को खोजने और बचाने का प्रयास किया।
घटनास्थल पर उस समय हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन जीवन रक्षा के लिए आगे बढ़ने का साहस केवल एक महिला पुलिसकर्मी ने दिखाया। एक महिला होकर, अपनी जान की परवाह किए बिना, कर्तव्य और मानवता को सर्वोपरि रखना सामान्य नहीं बल्कि असाधारण साहस और संवेदनशीलता का उदाहरण है।
यह साहसिक कदम न सिर्फ बिहार पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है। महिला सिपाही तारा कुमारी का यह कार्य निश्चित रूप से सम्मान, प्रशंसा और गर्व के योग्य है।






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