बिहार के शेखपुरा के रहने वाले फर्जी यूपीएससी प्रतिभागी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसने खुद को यूपीएससी टॉपर बताकर न केवल सुर्खियां बटोरी थी, बल्कि स्थानीय स्तर पर सम्मानित भी हुआ था. बाद में रेंक की जांच में उसका दावा फर्जी पाया गया. ये भी खुलासा हुआ कि उसने एग्जाम ही नहीं दिया था.
फर्जी यूपीएससी टॉपर गिरफ्तार: जिले के महुली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव का रहने वाला रंजीत कुमार यादव दिल्ली में काम करता है. ये बात सामने आई है कि उसने यूपीएससी का पेपर दिया ही नहीं था तो जाहिर है कि परीक्षा कहां से पास करता लेकिन इसके बावजूद उसने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जमकर माहौल बनाया.
यूपीएससी में उसके सफल होने की खबर जैसे ही इलाके में फैली आसपास के लोग बधाई देने उसके घर पहुंचने लगे. शेखपुरा के पूर्व विधायक विजय कुमार भी फतेहपुर गांव पहुंचे और रंजीत कुमार को सूटकेस और फूल-मालाओं से सम्मानित किया. थाना प्रभारी ने भी थाने में बुलाकर उसे सम्मानित किया था. इस दौरान कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिससे यह खबर और तेजी से फैल गई.
हालांकि उसी दौरान बनाए गए वीडियो में रंजीत के हावभाव और उसके जवाबों को लेकर कुछ लोगों को संदेह भी होने लगा था. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसी बीच जांच-पड़ताल के दौरान पता चला कि रंजीत ने तो यूपीएससी की परीक्षा ही नहीं दी.
वहीं, सच सामने आने के बाद फर्जी दावा करने वाला रंजीत कुमार घर छोड़कर दिल्ली फरार हो गया. फिलहाल उसका परिवार और गांव के लोग इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं. दूसरी ओर रंजीत के सम्मान से जुड़ा पोस्ट करने वाले पूर्व विधायक विजय कुमार ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल से वह पोस्ट हटा लिया है.
रंजीत ने रंजीथ नाम का उठाया फायदा: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 6 मार्च को सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी किया था. इस परीक्षा में कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर निवासी रंजीथ कुमार को ऑल इंडिया रैंक 440 प्राप्त हुई थी. उसी परिणाम को आधार बनाकर शेखपुरा के रंजीत कुमार ने अपने नाम से यूपीएससी पास करने का दावा कर लोगों को गुमराह कर दिया.






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