Explore

Search

March 7, 2026 12:54 pm

पटना में हुआ “रसोइयों का न्याय दिलाओ आक्रोश रैली”, उठा न्यूनतम मजूदरी की मांग*

 

*पटना में हुआ “रसोइयों का न्याय दिलाओ आक्रोश रैली”, उठा न्यूनतम मजूदरी की मांग*

*रसोइयों के मानदेय में वृद्धि पर फ्रंट के संरक्षक जय सिंह राठौड़ ने जताया आभार, कहा – रसोइयों को पेंशन और स्वास्थ्य बीमा की मिले सुविधा*

पटना, 13 अगस्त 2025 : राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले आज राजधानी पटना के गर्दनीबाग में एक दिवसीय “रसोइयों का न्याय दिलाओ आक्रोश रैली” और महाधरना का आयोजन किया गया। जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के साथ-साथ संगठन के कई पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

धरना सभा को संबोधित करते हुए फ्रंट के राष्ट्रीय संरक्षक जय सिंह राठौड़ ने कहा, “रसोइयां सिर्फ भोजन नहीं बनातीं, वे हमारे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मुस्कान की जिम्मेदारी निभाती हैं। उन्होंने रसोइयों के मानदेय में वृद्धि पर सरकार का आभार जताते हुए कहा कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के मानदेय को ₹1,650 से बढ़ाकर ₹3,300 प्रतिमाह करने के बिहार सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। सरकार का यह कदम उनके आत्मसम्मान और हौसले को दोगुना करेगा।” हालाँकि उन्होंने ये भी कहा कि नीतीश सरकार को रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी के तहत कम से कम ₹10,000 मासिक वेतन, साल के 12 महीनों के लिए करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रसोइयों को भी एक तय सीमा के बाद रिटायरमेंट मिले और उनको भी सरकार मासिक पेंशन दे साथ हीं स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था सरकार करे।

राष्ट्रीय महासचिव रामकृपाल भाई ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित मानदेय बढ़ोतरी वर्तमान भीषण महंगाई में ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसोइयों को मिलने वाला मानदेय अक्सर 2-3 माह की देरी से दिया जाता है, जिसके कारण वे भुखमरी के कगार पर पहुंच जाती हैं। सरकार उनके सुरक्षित भविष्य की गारंटी की जाए।

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष उमाशंकर प्रसाद और प्रदेश सचिव मोहम्मद शकील ने संयुक्त रूप से कहा कि रसोइयों के साथ सरकार का व्यवहार सौतेला है। सरकार रसोइयों को बंधुआ मजदूर की तरह काम करवा रही है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंटू चौधरी और प्रदेश सचिव राजेश कुमार ने रसोइयों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हक और अधिकार की लड़ाई में सभी को एकजुट होकर मैदान में उतरना होगा। संगठित संघर्ष से ही सरकार को झुकाया जा सकता है।

धरना प्रदर्शन का संचालन प्रदेश संयोजक और जिला संयोजक बलवंत पासवान ने संयुक्त रूप से किया। धरना सभा को प्रदेश अध्यक्ष कंचन कुवंर, सदस्य मनीष कुमार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सत्य राजू राणा, जाकिर हुसैन, माधुरी कुमारी, सुनैना देवी, जीतू कुमार, महेंद्र पासवान, लाल बिहारी यादव, जगन पांडेय, सीताराम चौधरी, मानो देवी, आशा देवी, निर्मला देवी, अनीता देवी, सुरेश राय, पवन शुक्ला, सुधांशु कुमार, क्रांति सिंह, जीतेंद्र दुबे, हरिदेव महतो, रूबी देवी, प्रमोद कुमार, शंकर कुमार, रेखा देवी, कंचन देवी, गीता देवी, जीलम देवी, अजय ठाकुर, मोहम्मद समसूजोहा, संत प्रसाद पांडेय, रामजी पासवान, आरती देवी, अर्चना देवी, राधा देवी, संतोष कुमार, राकेश कुमार, हरी लाल, जया देवी, सीमा देवी, पप्पू कुमार, अमृता देवी, बिंदा देवी, हरे राम, गुड़िया देवी, कृष्णा प्रसाद, योगेंद्र शर्मा, राम कुमार चौधरी, लीला देवी, अमिरक प्रसाद, गंगाजली देवी, मोहन कुमार, मानो देवी और शंभू महतो ने संबोधित किया।

K k sanjay
Author: K k sanjay

Leave a Comment

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!