Honey Girl Bihar: मधुमक्खी पालन से बनी पहचान, कृषि विभाग ने साझा की प्रेरक सफलता कहानी
पटना:Bihar Agriculture Department द्वारा जारी एक विशेष फीचर में ‘हनी गर्ल’ के नाम से पहचान बनाने वाली महिला की प्रेरक सफलता कहानी साझा की गई है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना और किसानों, खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करना है।
पोस्टर में प्रकाशित लेख के अनुसार, मधुमक्खी पालन की जिद और मेहनत ने एक साधारण महिला को नई पहचान दिलाई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मधुमक्खी पालन (Beekeeping) को अपनाया और आज वे न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।
🐝 मधुमक्खी पालन से मिली नई पहचान
लेख में बताया गया है कि शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन निरंतर प्रयास और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने शहद उत्पादन में सफलता हासिल की। आज उनका उत्पाद स्थानीय बाजार में पहचान बना चुका है और आय का स्थायी स्रोत बन गया है।
मधुमक्खी पालन न केवल अतिरिक्त आय का साधन है, बल्कि फसलों के परागण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।
🌾 सरकार का फोकस: आत्मनिर्भर किसान
कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत किसानों को प्रशिक्षण, अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान और महिलाएं मधुमक्खी पालन को अपनाएं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएं।
📞 किसान कॉल सेंटर की सुविधा
किसानों की सहायता के लिए विभाग ने किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551, सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक) की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जहां मधुमक्खी पालन सहित अन्य कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि बिहार में शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।






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