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January 29, 2026 7:32 am

सुबह इंसान, शाम को बन जाते हैं छिपकली! डरता है पूरा गांव

सुबह इंसान, शाम को बन जाते हैं छिपकली! डरता है पूरा गांव

दुनिया रहस्यों से भरी हुई है, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो विज्ञान को भी चुप करा देती हैं. इंडोनेशिया की मुरांग फैमिली की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जहां परिवार के सदस्यों के चेहरे का आकार हर दिन बदल जाता है. स्थानीय लोग इन्हें इंसान नहीं बल्कि छिपकली मानते हैं. लेकिन जब डॉक्टरों ने इसकी जांच की, तो जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया.

मुरांग फैमिली का अजीब मामला

मुरांग परिवार इंडोनेशिया के एक दूरदराज इलाके में रहता है. परिवार के एक सदस्य सूर्या मुरांग का चेहरा बचपन में पूरी तरह सामान्य था. लेकिन जब सूर्या 12 साल का हुआ, तभी से उसके चेहरे में अजीब बदलाव शुरू हो गए. धीरे-धीरे उसके चेहरे की बनावट बदलने लगी. आंखें उभरी हुई, त्वचा सख्त और चेहरा किसी छिपकली जैसा दिखाई देने लगा. सबसे डरावनी बात यह थी कि यह बदलाव एक ही दिन में महसूस किया जाता था- सुबह कुछ और, शाम तक कुछ और.
सिर्फ सूर्या ही नहीं, बल्कि उसके बच्चों के साथ भी यही अजीब घटना होने लगी. उनके चेहरे भी रोज़ बदलने लगे. कभी नाक का आकार अलग, कभी जबड़ा चौड़ा, तो कभी आंखों की बनावट पूरी तरह बदल जाती. आसपास रहने वाले लोग इस परिवार से डरने लगे. गांव में यह अफवाह फैल गई कि ये लोग इंसान नहीं हैं. कई लोग दावा करने लगे कि ये लोग रात में छिपकली बन जाते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इनके चेहरे हर सुबह अलग आकार में होते हैं. त्वचा में अजीब खिंचाव और सख्ती आ जाती है. आंखों की बनावट छिपकली जैसी दिखती है. इसी वजह से लोग इन्हें इंसान मानने को तैयार नहीं हैं. कुछ लोग तो इनके पास जाने से भी डरते हैं. डॉक्टरों ने जब इस केस की जांच की, तो उन्होंने इसे जेनेटिक बीमारी से जोड़कर देखा. डॉक्टरों का मानना है कि यह कोई दुर्लभ आनुवांशिक विकार हो सकता है, जिसमें चेहरे की हड्डियां और त्वचा असामान्य तरीके से बढ़ती या बदलती हैं.

रहस्य जो आज भी अनसुलझा है

हालांकि, अब तक इस बीमारी का कोई पक्का नाम नहीं मिल सका है. न ही इसका कोई स्पष्ट इलाज सामने आया है. और न ही यह साबित हो पाया कि चेहरे का बदलाव दिन में क्यों होता है. यही वजह है कि यह मामला आज भी रहस्य बना हुआ है. क्या यह सच में कोई दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है? या फिर यह सिर्फ लोगों का भ्रम और डर है? या फिर विज्ञान अभी इस रहस्य को समझने के लिए तैयार नहीं है. इन सवालों के जवाब आज भी किसी के पास नहीं हैं.
मुरांग फैमिली की कहानी आज भी लोगों को डराती है और सोचने पर मजबूर करती है. जहां एक ओर लोग उन्हें छिपकली मानते हैं, वहीं दूसरी ओर डॉक्टर इसे विज्ञान से जोड़कर देखने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन सच्चाई क्या है यह आज भी एक जिंदा रहस्य है.

इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है. पी न्यूज किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.

K k sanjay
Author: K k sanjay

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