बिहार में फर्जी IAS अधिकारी DM से मिलने पहुंचा तो हो गया गिरफ्तार
बिहार के छपरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर उच्च अधिकारियों से मुलाकात की. यह घटना छपरा समाहरणालय में हुई, जहां युवक ने जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव से मिलने की कोशिश की. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है.
फर्जी आईएएस का आत्मविश्वास भरा अंदाज: सोमवार दोपहर करीब तीन बजे रितेश कुमार पंडित नामक युवक छपरा के समाहरणालय पहुंचा. उसने आदेशपाल को अपना नाम रितेश कुमार पंडित बताया और दावा किया कि वह मेरठ में तैनात आईएएस अधिकारी है और जरूरी काम से डीएम से मिलना चाहता है. उसके आत्मविश्वास और व्यवहार से प्रभावित होकर आदेशपाल ने उसे डीएम कार्यालय तक पहुंचा दिया.
20 मिनट की बातचीत में हुआ शक: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव से युवक की मुलाकात हुई, जिसमें उसने खुद को 2022 बैच का आईएएस और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में नगर आयुक्त बताया. बातचीत करीब 20 मिनट चली, लेकिन डीएम को उसकी भाषा, जानकारी और हाव-भाव में कुछ असंगति लगी. जब डीएम ने आधिकारिक पहचान पत्र या सेवा संबंधी दस्तावेज मांगे, तो युवक घबरा गया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.
पूछताछ में उगल दिया सच: सख्त पूछताछ पर युवक ने कबूल लिया कि वह न तो आईएएस है और न ही किसी सरकारी पद पर तैनात है. उसकी असली पहचान रितेश कुमार पंडित के रूप में हुई, जो छपरा जिले के बसाढ़ी गांव का रहने वाला है. डीएम ने तुरंत सुरक्षा कर्मियों को बुलाकर उसे स्थानीय थाने के हवाले कर दिया. टाउन थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू कर दी.
काम करवाने के नाम पर ठगी का खेल: युवक ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर यूपीएससी और बीपीएससी की तैयारी करता था. वह लोगों पर रौब जमाने और सरकारी दफ्तरों से काम निकलवाने के लिए खुद को आईएएस बताता था. अलग-अलग कार्यालयों में जाकर वह काम करवाने के बहाने लोगों से मोटी रकम वसूलता था. गांव में भी वह खुद को अधिकारी बताकर हनक दिखाता था.
एसएसपी और पूर्व अधिकारियों से भी मिल चुका: पूछताछ में पता चला कि युवक डीएम से मिलने से पहले एसएसपी विनीत कुमार से भी मिला था. उसने पहले भी छपरा के पूर्व जिलाधिकारी और एसपी से कई बार मुलाकात की थी. छह महीने पहले भी वह दो बार समाहरणालय आ चुका था. सदर एएसपी रामपुकार सिंह ने बताया कि डीएम को संदेह होने पर जांच हुई और फर्जी पहचान का खुलासा हुआ. आरोपी पर गुमराह करने का आरोप है और अन्य पहलुओं की जांच जारी है.
जिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त व्यक्ति के विरूद्ध टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुये गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार युवक ने बताया की वह टिप टॉप बनकर अधिकारियों को रौब दिखा कर अपना काम करवा लेता था लेकिन यहां पर वह आकर फंस गया. गिरफ्तार युवक को पुलिस ने जेल भेज दिया है.”-रामपुकार सिंह, ASP, छपरा सद






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