समस्तीपुर में कोचिंग टीचर पर 5 साल तक यौन शोषण का आरोप
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में एक 24 वर्षीय युवती ने कोचिंग के शिक्षक व संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि आरोपी शिक्षक ने पहले उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए, फिर अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। पिछले पाँच वर्षों से वीडियो के आधार पर लगातार शोषण किया जाता रहा। जब युवती ने शादी का दबाव डाला तो आरोपी पीछे हट गया और किसी अन्य लड़की से विवाह की तैयारी करने लगा। मामला पंचायत और महिला संगठन तक भी पहुँचा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः युवती को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा और अदालत के आदेश पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2019 में उसने करियर ट्यूटोरियल आर्ट क्लासेज नामक कोचिंग जॉइन की थी। फरवरी 2020 में परीक्षा नजदीक थी। इसी दौरान, कोचिंग संचालक और शिक्षक अभय भूषण ने उसे “एक्स्ट्रा क्लास” के बहाने रोका और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि इसी दौरान अभय ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया
उसने जब विरोध किया तो अभय ने उसे प्यार और शादी का झांसा दिया। साथ ही कहा कि इस वीडियो के बारे में किसी को मत बताना, वरना कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा क्योंकि मेरी पहुँच जज, दरोगा और वकीलों तक है।
पीड़िता का कहना है कि 2020 से लेकर 2025 तक लगातार अभय वीडियो और फोटो दिखाकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए वह लगातार युवती से संपर्क बनाए रहा। इन पाँच वर्षों में वह बार-बार शारीरिक संबंध बनाता रहा।
युवती के अनुसार, हर बार जब उसने शादी का दबाव डाला, तो आरोपी टालता रहा। लेकिन इसी बीच उसे जानकारी मिली कि अभय किसी अन्य लड़की से विवाह करने जा रहा है।
जब युवती ने इसकी शिकायत परिवार और पंचायत में की, तो मामला पंचायत तक पहुँचा। पंचायत में आरोपी ने अपने पिता और ग्रामीणों के सामने आरोप स्वीकार भी किया और युवती से शादी करने की बात कही। लेकिन बाद में वह अपने बयान से पलट गया और दूसरी शादी की तैयारी करने लगा।
युवती का आरोप है कि 21 जून को अभय और उसके पिता उसे समस्तीपुर ले गए और कोरे कागज पर जबरन दस्तखत करा लिया। इससे पहले भी 18 और 19 जून को अभय ने उससे मुलाकात कर धमकी दी थी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो उसकी बहन और परिवार को जान से मार देगा।
पुलिस की भूमिका और कोर्ट का सहारा
युवती ने पहले महिला संगठन और थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की। महिला संगठन में भी शिकायत दबाव में वापस लेनी पड़ी।
आखिरकार युवती ने रोसड़ा कोर्ट में आवेदन दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद 25 जुलाई को विभूतिपुर थाने में मामला दर्ज किया गया।हालांकि, पीड़िता का कहना है कि थाना पुलिस शुरू में उसे टालती रही और कहा गया कि “तुम्हारा कुछ नहीं हो सकता, तुम्हारे पास सबूत नहीं है।” जब युवती ने फोटो और वॉट्सऐप चैट का हवाला दिया, तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन एफआईआर की कॉपी देने से भी पुलिस ने परहेज किया।






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