बिहार में बिना परमिट लाइसेंस यात्री वाहन चलाए तो खैर नहीं
बिहार परिवहन विभाग राज्य में वाहनों के परिचालन पर लगातार सख्ती अपना रही है. वाहन चलाने वालों के लाइसेंस, इंश्योरेंस आदि की जांच की जा रही है. पटना के मसौढ़ी में प्रशासन ने 107 वाहनों से 11 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना वसूला. इन सभी वाहनों का परिचालन बिना परमिट लाइसेंस के हो रहे थे.
चेकपोस्ट से भागे वाहन चालक: दरअसल, लगातार हो रहे हादसों को लेकर परिवहन विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है. शनिवार को मसौढी में अपर जिला परिवहन पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच अभियान चलाया गया. कई वाहन चालक तो चेकपोस्ट से भागने की भी कोशिश की. कई ऑटो वाले भागते नजर आए.
मसौढी कर्पूरी चौक स्टैंड और पूर्वी बस स्टैंड में परमिट और लाइसेंस की जांच की गयी. बसों के वैध दस्तावेज़ (परमिट, बीमा, फिटनेस, पीयूसी) नहीं मिले और बकाया टैक्स भी पाया गया. कुछ बसों को जब्त किया गया. प्रदूषण नियंत्रण यानी पीयूसी न होने पर भी कार्रवाई की गई.
वाहन परमिट लाइसेंस क्या है?: एक कानूनी दस्तावेज जो कॉमर्सियल या परिवहन वाहनों को सार्वजनिक रूप से जलाये जाने के लिए दिया जाता है. शहर, राज्य या पूरे देश में यात्रियों को लाने-जाने या फिर माल ढुलाई के लिए परमिट लेना होता है. इसमें प्राइवेट गाड़ी को राहत दी जाती है.
क्यों जरूरी है?: परमिट लाइसेंस वाहन को व्यावसायिक रूप से चलाने के लिए अनुमति देता है. इसके साथ वाहनों की सुरक्षा, बीमा आदि का पालन शामिल है. एक शहर से दूसरे शहर, एक राज्य से दूसरे राज्य आने-जाने की अमुमति देता है.
कितने प्रकार के परमिट?: माल ढुलाई परमिट, यात्री वाहन परमिट इसके अलावे राज्य और राष्ट्रीय परमिट होता है. इसमें सरकारी वाहन, एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन को छूट दी जाती है.
वाहन परमिट लाइसेंस के लिए परिवहन कार्यालय (RTO) में या परिवहन पोर्टल पर आवेदन सकते हैं. इसके लिए पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC), वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा प्रमाण पत्र, टैक्स भुगतान का प्रमाण, पहचान और पति की जरूरत होती है. शुल्क भुगतान और जांच के बाद परमिट दे दिया जाएगा.






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