Explore

Search

June 23, 2026 11:28 am

पाप और पुण्य का कभी अंत नहीं होता — दीदी दिव्यांशी

पाप और पुण्य का कभी अंत नहीं होता — दीदी दिव्यांशी

 

भारत की पावन नगरी वृंदावन की महान एवं सुप्रसिद्ध कथा प्रवचन वाचिका दीदी दिव्यांशी ने अपने कथा प्रवचन के दौरान जीवन का गहरा सत्य बताया।
उन्होंने कहा कि पाप और पुण्य का कभी “हत्या” नहीं होती, व्यक्ति अपने कर्मों से कभी बच नहीं सकता।
दीदी दिव्यांशी ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में पारदर्शिता सबसे बड़ा धर्म है।
मनुष्य को सरल बनना चाहिए, स्मार्ट बनने के दिखावे से बचना चाहिए, क्योंकि सच्ची सरलता में ही पुण्य का वास होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलता है, वही समाज और जीवन में सम्मान पाता है।
दीदी दिव्यांशी की यह अमृत वाणी आज के दौर में आत्मचिंतन और नैतिक जागरूकता का संदेश देती है।

K k sanjay
Author: K k sanjay

Leave a Comment

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!