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March 31, 2026 7:04 pm

पहसारा पंचमुखी हनुमंत रक्षा कवच महायज्ञ में श्रद्धालुओं की उमड़ रही भारी भीड़*

*पहसारा पंचमुखी हनुमंत रक्षा कवच महायज्ञ में श्रद्धालुओं की उमड़ रही भारी भीड़*

 

बेगूसराय। नावकोठी प्रखण्ड के पहसारा मुखिया जी चौक से पश्चिम मध्य विद्यालय पहसारा वभनगामा के सामने मैदान में पंचमुखी हनुमंत रक्षा कवच यज्ञ के पांचवें दिन श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक आचार्य प्रद्युम्न जी महाराज ने उत्तरा के गर्भ से परीक्षित के जन्म की कहानी सुनाया। वहीं भीष्मपितामह की कथा सुनाते हुए कहा कि भीष्म पितामह ने बाणों की शय्या पर रहते हुए अपने अंतिम समय में श्री कृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण करते हुए अपने मति, रति और गति को भगवान के चरणों में निवेदित किया। उन्होंने कामना रहित होकर युद्ध में अर्जुन के सारथी बने श्री कृष्ण को याद करते हुए प्राण त्यागे, जिसे भीष्म स्तुति कहा जाता है। भगवान कृष्ण अर्जुन के साथ द्वारिका प्रस्थान किए और सात महीने बाद भगवान बैकुंठ धाम चले गए। महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने 36 वर्षों तक शासन करने के बाद अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित को हस्तिनापुर का राजा बनाया। परीक्षित के हाथ में राजपाट सौंपकर पांचो पांडव और द्रौपदी ने हिमालय की ओर अपनी अंतिम यात्रा शुरू की और सशरीर स्वर्ग जाने के लिए अपने शरीर का त्याग कर दिया। पूज्य महाराज जी ने बताया कि परीक्षित के राज्य काल में ही कलयुग का आगमन हुआ और कलयुग को परीक्षित ने चार स्थान दिया। चार जगह पर कलयुग का वास होता है। प्रथम जुआ घर, द्वितीय मदिरालय, तृतीय वेश्यालय और चतुर्थ जहां हिंसा होती है। कलयुग में एक गुण भी है नाम संकीर्तन जिससे जीव ईश्वर की प्राप्ति कर लेता है. इसलिए कलयुग को परीक्षित ने (अधर्म से कमाया गया धन) सोना में स्थान दिया। कालांतर में परीक्षित के सिर सोने के मुकुट पर कलयुग बैठ गया, जिससे संत का अपमान हो गया और परीक्षित को 7 दिन में मरने का श्राप मिल गया। उद्धार के लिए शुकदेव भगवान का आगमन हुआ, मन को एकाग्र की विधि बताई।अद्भुत भावपूर्ण विदुर चरित्र का वाचन किया जिससे भक्तों की आंखे भर आई, वहीं भागवत प्रेमी मधुर संगीतमय भजनों में गोता लगाते रहे। इस दौरान प्रमुख प्रतिनिधि श्याम नंदन सिंह, मुखिया प्रतिनिधि रामनाथ उर्फ बुडुल सिंह, सरपंच प्रतिनिधि रामाशीष सिंह गुरुजी, रणवीर कुमार सिंह, शिवम वत्स, कन्हैया कुमार, चंदन कुमार, घनश्याम सिंह, टुन्नी सिंह, मुकेश सिंह, अमित कुमार उर्फ फूचो,उपेंद्र सिंह, दरेश सिंह, राहुल, राकेश, कौशल, रामू, रामानंद सहित हजारों की संख्या में भागवत प्रेमी श्रीमद्भागवत कथा का आनंद उठाया।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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