शिवाजीनगर में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान व प्रबंधन पर जोर, एएनएम आशा को दिए गए निर्देश
प्रखंड क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शिवाजीनगर के कॉलेज भवन सभागार में एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कुमार अमित ने की। बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं एचआरपी की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप और उचित चिकित्सकीय प्रबंधन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधक ने सभी एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक माह की 9, 15 एवं 21 तारीख को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को अनिवार्य रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजना सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर आयोजित होने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जानी है। इस दौरान उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान पीएमएसएमए के तहत रेफर किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि यदि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का समय पर इलाज किया जाए और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए, तो मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। स्वास्थ्य प्रबंधक ने जानकारी दी कि गंभीर एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आयरन सुक्रोज की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। आगामी 21 तारीख को पहले से चिन्हित गंभीर एनीमिया पीड़ित गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र पर बुलाकर आयरन सुक्रोज चढ़ाया जाएगा तथा आवश्यक दवाएं भी दी जाएंगी। उन्होंने सभी एएनएम, आशा और आशा फैसिलिटेटर को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से चिन्हित गर्भवती महिलाओं को संस्थान तक लाकर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि राकेश ठाकुर ने भी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, रेफरल और प्रबंधन प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर रेफरल से गंभीर मामलों में मातृ एवं शिशु की जान बचाई जा सकती है।
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे टीकाकरण सत्र के दौरान अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं को आरोग्य दिवस पर बुलाएं और उनकी जांच सुनिश्चित करें। साथ ही गर्भवती महिलाओं को आयरन व कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करने, एनीमिया के दुष्प्रभावों तथा संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी जागरूक करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर यूनिसेफ बीसीएम विक्रम कुमार चौधरी,
डॉ. सुमित कुमार, डॉ. सुभाष कुमार, अमोद ठाकुर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पूजा कुमारी, शिवांगी कुमारी, सुनील कुल्हाड़ी, मानसिंह मीणा, एएनएम रेशमा कुमारी, सोनी कुमारी, आशा फैसिलिटेटर वीणा मंडल, दीपमाला, मेनका, प्रतिभा कुमारी, शीला कुमारी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता, दीपशिखा एवं रंजना कुमारी मौजूद रहीं।






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