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May 1, 2026 10:20 pm

दरभंगा में डीएम का सख्त आदेश: निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगेगी रोक

दरभंगा में डीएम का सख्त आदेश: निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगेगी रोक

“बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2019” का पालन अनिवार्य, 7% से अधिक फीस बढ़ोतरी पर लगेगी रोक

दरभंगा जिले में निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से शुल्क वसूली की शिकायतों पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी निजी स्कूल “बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2019” का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी विद्यालय प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क समेत विभिन्न मदों में अभिभावकों से मनमानी रकम वसूल रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अब सभी विद्यालयों को अपने शुल्क का स्पष्ट विवरण स्कूल के सूचना पट्ट और वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। साथ ही, किसी भी स्थिति में पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि नहीं की जा सकेगी। यदि कोई विद्यालय इससे अधिक वृद्धि करना चाहता है, तो उसे शुल्क विनियमन समिति से पूर्व स्वीकृति लेनी होगी।
डीएम ने यह भी निर्देश दिया है कि स्कूलों को कक्षा-वार किताबों और यूनिफॉर्म की सूची सार्वजनिक करनी होगी। अभिभावकों को बाजार से कहीं से भी किताबें और ड्रेस खरीदने की स्वतंत्रता होगी। किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
शिकायतों के समाधान के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में शुल्क विनियमन समिति गठित है, जो मामलों की जांच और सुनवाई करेगी। अभिभावक फीस वृद्धि के 30 दिनों के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इसके अलावा, सभी निजी विद्यालयों को अपने खातों का नियमित संधारण और हर वित्तीय वर्ष में चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराना भी अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार 1 लाख रुपये और दोबारा गलती करने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों में इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि छात्रों और अभिभावकों के हितों की पूरी तरह रक्षा हो सके।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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