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March 13, 2026 2:18 pm

अतुल बिष्ट को लम्बे समय से वांछित अपराधियों की सूची में रखा

अतुल बिष्ट को लम्बे समय से वांछित अपराधियों की सूची में रखा
अतुल बिष्ट पर ₹1,00,000 इनाम घोषित किया गया

विक्रम सिंह
हल्द्वानी (उत्तराखण्ड )- 12,दिसंबर 2025
अतुल बिष्ट एक लंबे समय से फरार गैंगस्टर था, जिसके खिलाफ कथित रूप से हत्या और नशा तस्करी जैसे गंभीर मामलों में आरोप हैं, और जिसके मोबाइल गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम घोषित किया था। उसकी गतिविधियाँ मुख्यतः उत्तराखंड (विशेषकर नैनीताल) और आस-पास के क्षेत्रों से जुड़ी रहीं।
अतुल बिष्ट पी पी गिरोह के सदस्य गंगा जायसवाल के साथ अपराध को अंजाम देता हैं. सर्राफा व्यवसायी के अतिरिक्त शराब व्यवसायी निशाने पर हैं.
गैंगस्टर अतुल बिष्ट का आपराधिक इतिहास (संक्षेप विवरण)

गैंगस्टर अतुल बिष्ट उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक वांछित अपराधी (गैंगस्टर) के रूप में चर्चित है, जिस पर पुलिस ने कई गंभीर आपराधिक आरोप लगाए हैं — मुख्य रूप से हत्या, हत्या के प्रयास, नशा तस्करी, और अन्य गंभीर अपराधों। उस पर पुलिस ने इनामी घोषित किया है ताकि उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए जा सकें।

फरार अपराधी व इनामी घोषित

अतुल बिष्ट सालों से फरार चल रहा था और पुलिस द्वारा अन्य वांछित अपराधियों के साथ प्रत्येक पर ₹1,00,000 इनाम घोषित किया गया था ताकि उसे गिरफ्तार किया जा सके।

आरोपित अपराध

उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों में हत्या, हत्या का प्रयास और नशा तस्करी जैसे संगीन अपराध शामिल हैं।

वांछित सूची में शामिल

पुलिस ने अतुल बिष्ट को लम्बे समय से वांछित अपराधियों की सूची में रखा, और इसके कारण उस पर इनामी राशि बढ़ाई गई थी।

नैनीताल पुलिस और उत्तराखंड में हत्या, हत्या के प्रयास, नशा तस्करी जैसे संगीन आरोपों में अतुल बिष्ट लंबे समय से फरार वांछित अपराधियों में शामिल है।

एक 2022 की रिपोर्ट में कहा गया कि वह समेत कई अपराधियों पर कई वर्षों से इनामी अग्राहक/वांछित के रूप में नाम था और उन पर इनाम राशि बढ़ाई गई।

इसी रिपोर्ट के अनुसार वह लगभग 19 वर्षों से फरार चल रहा था, जिसका अर्थ है कि वह कम से कम 2003 के आसपास से पुलिस की नज़र में था (या तभी से उस पर आरोप/सूचीबद्धता बनी थी)।

अतुल बिष्ट गैंगस्टर एक्ट व गंभीर आरोपों के सिलसिले में लंबे समय से वांछित अपराधी रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वह करीब 19 वर्षों से फरार/वांछित था, जो 2003 के आसपास से उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाइयों का संकेत देता है।
किस वर्ष उसने पहली बार वांछित सूची में जगह बनाई, इसकी पुलिस या सरकारी आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

हल्द्वानी (नैनीताल) में एक महिला ने गंगा जायसवाल, सुभाष गुप्ता और अशोक जायसवाल के खिलाफ रंगदारी/वसूली का मुकदमा दर्ज कराया।

शिकायत में कहा गया कि जमीन बेचने के नाम पर लगभग 20% रकम रंगदारी के रूप में मांगी जा रही थी, और इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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