रामनवमी पर उमङा आस्था का सैलाब: शिवाजीनगर के गांवों में धूमधाम से मना पुरुषोत्तम श्रीराम जन्मोत्सव, बाघोपुर मनोकामना मंदिर में 5000 कन्याओं का पूजन
शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत चैती नवरात्रि के नौवें दिन रामनवमी का पर्व पूरे श्रद्धा, आस्था, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाए जाने वाले इस पावन अवसर पर प्रखंड क्षेत्र में चहुंओर धार्मिक माहौल देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालु अपने अपने घरों में साफ सफाई कर पूजा अर्चना की तैयारियों में जुट गए थे। घर घर में भक्ति गीत, भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
प्रखंड के राम जानकी मंदिरों एवं हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने संकटमोचन वीर हनुमान का ध्वजारोहण कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही लोगों ने अपने घरों पर भी महावीरी पताका फहराकर श्रद्धा भाव से पूजा पाठ किया। इस अवसर पर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने राष्ट्र, समाज और परिवार की खुशहाली के लिए भगवान श्रीराम और हनुमान जी से प्रार्थना की। इस अवसर पर प्रखंड के बंधार पंचायत अंतर्गत बाघोपुर के प्रसिद्ध मनोकामना दुर्गा मंदिर में विशेष आयोजन किया गया, जो इस बार आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहां रामनवमी एवं चैती नवमी के उपलक्ष्य में भव्य पूजा अर्चना का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मनोकामना दुर्गा मंदिर की विशेष मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इसी आस्था के कारण आसपास के करीब 20 से 25 गांवों से लोग यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र बन चुका है। जहां साल भर नवमी के दिन विशेष पूजा होती है, लेकिन रामनवमी के दिन इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
पूजा अर्चना के उपरांत मंदिर परिसर में भव्य कन्या पूजन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें 5000 से अधिक कुमारी कन्याओं को भोजन कराया गया। कन्या पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण धोकर उन्हें देवी स्वरूप मानते हुए पूजन किया और प्रसाद स्वरूप भोजन कराया। इस आयोजन में महिलाओं की विशेष भागीदारी रही, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। मंदिर समिति एवं स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था सुचारू रूप से की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई थी। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामनवमी के इस पावन अवसर पर शिवाजीनगर प्रखंड का धार्मिक माहौल लोगों के बीच आस्था और एकता का संदेश देता नजर आया। श्रद्धालुओं के उत्साह और सहभागिता ने इस पर्व को यादगार बना दिया।






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