एससी / एसटी सहित अन्य समूहों की शिक्षा तक पहुँच को बढ़ावा देने मे शासन – प्रशासन बेअसर
नैनीताल / हल्द्वानी -21,दिसंबर 2025
नैनीताल एक जनपद है, जहाँ सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय दृष्टि से विभिन्न समुदाय रहते हैं।
अनुसूचित जाति खटीक की साक्षरता मे वृद्धि न्यूनतम हैं. नैनीताल जिले मे 1991-2001-2011 की जनगणना मे खटीक जाति की प्रशासकीय आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं. एन जी ओ / स्वयं सहायता समूहों को समाज के जातिगत पुनरोत्थाlन मे शासन – प्रशासन का सहयोग नहीं मिलता हैं. शासन प्रशासन अनुसूचित जाति के पुनरोत्थान मे कार्य न करना, एन जी ओ को जातिगत कार्यों को करने मे सहायता न करना विषय बना हैं.
नैनीताल जिले की कुल जनसंख्या में लगभग 20% लोग अनुसूचित जाति (SC) के हैं। यानी करीब 1,91,206 लोग SC समूह से हैं।
पुरुष तथा महिला दोनों में SC आबादी अच्छी-खासी हिस्सेदारी रखती है।
अनुसूचित जनजाति (ST)
00जिले में अनुसूचित जनजाति (ST) का हिस्सा अपेक्षाकृत बहुत कम है — लगभग 0.7-0.8%।
यह दर्शाता है कि ST समुदायों की संख्या यहाँ बहुत न्यून है, लेकिन फिर भी उनकी उपस्थिति दर्ज है।
तालुकदार/अल्पसंख्यक समुदाय (धर्म आधारित)
धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की भी जिले में पहचान है।
इसके अलावा सिख, ईसाई, जैन आदि भी बहुत छोटी-छोटी प्रतिशतों में मौजूद हैं।
विविध सामाजिक संरचना
जिले में मुख्यतः हिंदू आबादी है, लेकिन SC समूह (20% के आसपास) सामाजिक-आर्थिक रूप से एक महत्वपूर्ण आबादी समूह है।
महत्वपूर्ण आबादी समूह है।
शिक्षा और विकास
शिक्षा में भागीदारी (सामान्य स्थिति)
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा
SC/ST बच्चों का नामांकन बढ़ा है, विशेषकर सरकारी स्कूलों में
मिड-डे मील, छात्रवृत्ति, मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म जैसी योजनाओं से स्कूल छोड़ने की दर कम हुई है
उच्च शिक्षा0
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में SC/ST छात्रों के लिए:
आरक्षित सीटें
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति
हॉस्टल सुविधा
फिर भी, उच्च शिक्षा में प्रतिशत सामान्य वर्ग की तुलना में कम है
साक्षरता स्तर (सामान्य प्रवृत्ति)
SC की साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से थोड़ी कम हैं
ST की साक्षरता दर और भी कम, विशेषकर दूरस्थ/ग्रामीण क्षेत्रों में
महिला SC/ST छात्रों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अभी भी चुनौतियाँ हैं
नैनीताल जिले की साक्षरता दर लगभग 83-84% है, जो SC/ST सहित अन्य समूहों की शिक्षा तक पहुँच को बढ़ावा देता है।
अनुसूचित और पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी योजनाओं में कई तरह के प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध हैं — जैसे हल्द्वानी (नैनीताल) में हिंदी आशुलिपि एवं टंकण आदि कोर्स SC/ ST/ अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध कराया गया है।
सामाजिक-आर्थिक चुनौतियाँ
अनुसूचित जाति-बहुल गांवों में आधारभूत सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएँ अभी भी देखने को मिलती हैं, सुंदरखाल जैसे इलाकों में पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब माँगा है।
सामाजिक ताने-बाने और समन्वय
जिले में जाति, धर्म और सामाजिक वर्ग के बीच आपसी सम्पर्क और मेल-जोल का स्तर अपेक्षाकृत सकारात्मक बताये जाते हैं, लेकिन कभी-कभी स्थानीय स्तर पर तालमेल और संघर्ष दोनों की स्थितियाँ सामने आती रहती हैं।
अनुसूचित जाति (SC) : लगभग 20% आबादी — एक महत्वपूर्ण सामाजिक समूह।
अनुसूचित जनजाति (ST) : लगभग 0.7-0.8% — छोटा लेकिन मौजूद समुदाय।
शिक्षा और सरकारी योजनाओं के माध्यम से SC/ST/अल्पसंख्यकों के कल्याण पर कार्य जारी है।






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