सीमा पार करना पड़ा भारी: पाकिस्तानी अदालत ने भारतीय किसान को सुनाई जेल की सजा
पी न्यूज ब्यूरो फिरोजपुर, पंजाब | 4 अगस्त 2025
23 वर्षीय अमृतपाल सिंह, पंजाब के फिरोजपुर जिले के एक किसान, की जिंदगी उस समय पलट गई जब खेत देखने के दौरान वह अनजाने में भारत-पाक सीमा पार कर गए। अब पाकिस्तानी अदालत ने उन्हें एक माह की सजा और ₹50,000 जुर्माने का आदेश दिया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो उन्हें अतिरिक्त 15 दिन जेल में रहना होगा।
घटना का क्रम
अमृतपाल सिंह, खैर गांव के निवासी, 21 जून को अपने खेतों की स्थिति देखने मोटरसाइकिल से निकले थे। उनका खेत सीमा पर स्थित है और कांटेदार बाड़ के पार बीएसएफ की अनुमति से पहुंचा जा सकता है। लेकिन उस दिन लौटते वक्त, किसी गलती या भ्रमवश, वे पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गए।
रात तक घर न लौटने पर परिवार चिंतित हो गया और बीएसएफ को सूचित किया गया। बीएसएफ को सीमा पार जाने के पैरों के निशान मिले, जिससे यह आशंका पुख्ता हुई कि अमृतपाल सीमा पार कर गए हैं।
पाकिस्तानी हिरासत और सजा
27 जून को पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारतीय बीएसएफ को सूचित किया कि अमृतपाल पाकिस्तान में हिरासत में हैं। 28 जुलाई को पाकिस्तानी अदालत ने ‘विदेशी अधिनियम 1946’ की धारा 14 के तहत उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने सजा पूरी होने के बाद भारत वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
परिवार की पीड़ा और अपील
अमृतपाल की अपनी पत्नी और पिता से जेल से हुई फोन कॉल में उन्होंने बताया कि वह सुरक्षित हैं। लेकिन उनके पिता, जुगराज सिंह, की चिंता कम नहीं हुई। उन्होंने भारत सरकार और पंजाब प्रशासन से अपील की है कि राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप कर अमृतपाल की जल्द से जल्द वापसी सुनिश्चित की जाए।
> “बेटा खेत देखने गया था, कोई अपराधी नहीं है। अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाया, तो एक निर्दोष को विदेश में कैद रहना पड़ेगा।”
– जुगराज सिंह, पिता
सीमा पर रहने वालों की दुविधा
यह घटना सीमा से लगे जिलों — फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर और तरनतारन — में रह रहे हजारों किसानों की दुविधा को उजागर करती है, जिनकी जमीनें बॉर्डर फेंसिंग के पार होने के बावजूद भारतीय क्षेत्र में आती हैं। रोज़ाना सुबह 8 से शाम 5 बजे तक BSF की निगरानी में किसान अपनी जमीन पर जा सकते हैं। लेकिन एक छोटी सी भूल भी अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बन सकती है।
क्या कहता है कानून?
पाकिस्तान का विदेशी अधिनियम 1946 गैर-कानूनी रूप से देश में प्रवेश को दंडनीय अपराध मानता है। अमृतपाल का मामला इसलिए संवेदनशील है क्योंकि इसमें कोई आपराधिक इरादा नहीं था।






Total Users : 10071561
Views Today : 1251