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January 29, 2026 7:34 am

नारायणस माय कोचिंग सेन्टर, दरभंगा द्वारा होगा नवोदय, सिमुलतला, सैनिक, मिलिट्री, आर्मी आदि प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी*

*नारायणस माय कोचिंग सेन्टर, दरभंगा द्वारा होगा नवोदय, सिमुलतला, सैनिक, मिलिट्री, आर्मी आदि प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी*

 

*प्रारंभिक शिक्षा बच्चों की मजबूत आधारशिला जो भावी जीवन को मजबूत एवं बेहतरीन बनाने में सर्वाधिक सक्षम- डॉ अंजू कुमारी*

*कोचिंग एक मार्गदर्शन प्रक्रिया, जहां शिक्षक छात्रों की सोच, व्यवहार और प्रदर्शन में सुधार हेतु कृत संकल्पित- महेन्द्र लाल दास*

दरभंगा नगर के वार्ड नंबर 7 में स्थित कबड़ाघाट में संचालित नारायणस माय कोचिंग सेन्टर के द्वारा देश के प्रतिष्ठित विद्यालयों- नवोदय, सैनिक, आर्मी, मिलिट्री, सिमुलतला, वनस्थली, आरके मिशन आदि हेतु कक्षा 6 में प्रवेश हेतु तैयारी कराई जाएगी। इस कोचिंग में कक्षा 3 से 6 तक के छात्रों को पाठ्यक्रम की तैयारी संध्या काल में 4:30 से 6:30 बजे के बीच सुयोग्य शिक्षकों द्वारा करायी जा रही है। सी एम कॉलेज, दरभंगा के पूर्व प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कोचिंग का उद्घाटन किया, जबकि डॉ महेन्द्र लाल दास ने मुख्य वक्ता एवं डॉ प्रेम कुमारी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में, वक्ता के रूप में डॉ अंजू कुमारी, डॉ संदीप कुमार, डॉ संतोष कुमार, अशोक कुमार ठाकुर, प्रेरणा नारायण, प्रियांशु कुमार, अनुपम कुमारी, प्रशांत कुमार झा आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का प्रारंभ बुद्धिजीवियों द्वारा दीप प्रज्वलन से, जबकि समापन राष्ट्रगान से हुआ। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर एवं मिथिला पेंटिंग से किया गया। स्वागत संबोधन विद्यालय की निर्देशिका डॉ अंजू कुमारी ने किया, संचालन मुख्य शिक्षक प्रियांशु कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रशांत कुमार झा ने किया।
अपने संबोधन में प्रो विश्वनाथ झा ने कहा कि आज के समय में कोचिंग का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। यह मार्गदर्शन और सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीढ़ी है। इससे छात्रों को अपने लक्ष्य प्राप्ति, क्षमता वृद्धि तथा प्रदर्शन सुधार में सहायता मिलती है। लोकवैद्य महेन्द्र लाल दास ने कहा कि कोचिंग का उद्देश्य छात्रों की मानसिक क्षमताओं को पहचान कर उसे विकसित करना तथा अपने उद्देश्यों की ओर प्रभावी ढंग से बढ़ाने में सहायता करना है। यह एक मार्गदर्शन प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षक छात्रों की सोच, व्यवहार और प्रदर्शन में सुधार हेतु सहायता करता है। डॉ प्रेम कुमारी ने कहा कि आज कोचिंग शिक्षा का एक महत्वपूर्ण सहायक स्तंभ बन गया है जो छात्रों के सामर्थ्य को निखारने और उत्कृष्ट परिणाम दिलाने में मदद करता है। यह छात्रों को सटीक दिशा दिखाते हुए क्या पढ़ना है, कैसे पढ़ना है, कितना पढ़ना है, कब पढ़ना है और कहां पढ़ना है? आदि भी सीखना है।
अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि आज के प्रतियोगिता पूर्ण माहौल में छात्रों को उचित मार्गदर्शन, अच्छी प्रेरणा तथा निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है। कोचिंग से समय- प्रबंधन, उत्तर- लेखन तथा कौशल में सुधार की रणनीति मिलती है। जहां नियमित पढ़ाई एवं अभ्यास, मॉक टेस्ट तथा प्रश्नोत्तरी से छात्र परीक्षा में बेहतर करते हैं। कोचिंग छात्रों के सवालों का हल तथा उनके भ्रमों को तुरंत दूर करता है। डॉ संदीप कुमार ने कहा कि कोचिंग में एक निर्धारित पाठ्यक्रम एवं समय सारणी के अनुसार पढ़ाई होती है जिससे छात्र अनुशासित होकर पूरा करते हैं तथा अपनी तैयारी का मूल्यांकन भी स्वत: कर पाते हैं। यहां छात्र योजना बनाकर पढ़ते हैं और बेहतर परिणाम भी देते हैं। डॉ संतोष कुमार ने कहा कि कोचिंग में विषय की गहराई और परीक्षा की मांग के अनुसार तैयारी कराई जाती है। यह न केवल छात्रों को परीक्षा में बेहतर सफलता दिलाता है, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासित एवं लक्ष्य के प्रति समर्पित भी बनाता है। यहां समय- प्रबंधन की आदत भी विकसित होती है। कोचिंग से छात्रों को लगातार फीडबैक मिलता है और अपनी गलतियों को सुधारने में मदद भी मिलता है।
जेएनयू, दिल्ली की छात्रा प्रेरणा नारायण ने कहा कि कोचिंग छात्रों में निर्णय लेने की क्षमता तथा चुनौतियों का रचनात्मक समाधान खोजने की योग्यता विकसित करता है। इससे छात्रों के संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और संबंधों को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। यह हमेशा छात्रों को बेहतर परिणाम के लिए प्रेरित करता है। आज कोचिंग छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है।

निर्देशिका डॉ अंजू कुमारी ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों की मजबूत आधारशिला होती है जो उनके भावी जीवन मजबूत एवं बेहतरीन बनती है। कोचिंग से छात्रों में आत्मविश्वास तथा कार्य क्षमता बढ़ती है, जिसे बेहतर परिणाम सामने आता है। इस कोचिंग में पुस्तकीय शिक्षा के साथ ही छात्रों के पूर्ण व्यक्तित्व विकास तथा चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा। अभिभावकों का सहयोग तथा बच्चों की प्रगति ही हमारी वास्तविक पूंजी होगी।
मुख्य संरक्षक डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि यह कोचिंग बच्चों को सकारात्मक सोच के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने की प्रेरणा दे रहा है। हम टैलेंट सर्च कर गरीब एवं मेधावी छात्रों को विशेष तैयारी कराएंगे, ताकि उनका नामांकन देश के प्रतिष्ठित विद्यालयों में हो सके। यहां भारतीय संस्कृति के अनुरूप छात्र- छात्राओं को मूल्य पर आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी, ताकि छात्र अक्षरों एवं अंकों के ज्ञान के साथ ही श्रेष्ठ मानवीय गुणों से युक्त हो सके।

 

K k sanjay
Author: K k sanjay

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