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March 12, 2026 1:19 am

प्रेम कहानी की खौफनाक सच्चाई

कानपुर में प्रेम कहानी की खौफनाक सच्चाई ने दिल दहला दिया। प्रेमी के हाथों मारी गई आकांक्षा उर्फ माही ने जिस सूटकेस पर बैठकर वीडियो बनाया था। गला दबाकर हत्या करने के बाद प्रेमी सूरज ने उसी सूटकेस में भरकर उसके शव को यमुना नदी में फेंक दिया। इसका राजफाश आरोपित के नदी में शव फेंकने से पहले ली गई सेल्फी को देखने के बाद स्वजन ने किया।

बड़ी बहन प्रतीक्षा के मुताबिक सूरज के कहने पर आकांक्षा उसे छोड़कर अलग रहने लगी थी। 11 जुलाई को आकांक्षा उसी सूटकेस में अपना सामान लेकर घर से निकली थी और 21 जुलाई को उसकी हत्या कर दी गई।

कानपुर देहात के रूरा के सुजनीपुर निवासी विजयश्री की 20 वर्षीय बेटी आकांक्षा उर्फ माही एक साल पहले बड़ी बहन के साथ बर्रा बाईपास के पास स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करने आई थी। दोनों बहनें बर्रा में ही किराये के कमरे में रहती थीं। इसी दौरान आकांक्षा की दोस्ती इंस्टाग्राम पर फतेहपुर के बिंदकी के हरीखेड़ा निवासी सूरज उत्तम से हो गई, जिससे बाद में प्रेम संबंध हो गए। इसके बाद सूरज ने आकांक्षा को हमीरपुर रोड स्थित कान्हा रेस्टोरेंट में नौकरी दिलवा दी और फिर रेस्टोरेंट के पास रहने के लिए राजी कर लिया।

सूरज के कहने पर ही वह हनुमंत विहार में रहने पहुंची थी। सूरज ने ही कमरा भी तलाशा था और खुद ही किराया भी दिया था। 21 जुलाई को दूसरी लड़कियों से प्रेम संबंध का विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद उसी कमरे में सूरज ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद फतेहपुर के जाफरगंज के खानपुर कदीम में रहने वाले दोस्त आशीष को बुलाया और उसी रात उसके ही सूटकेस में शव भरकर बाइक से ले जाकर बांदा के चिल्ला पुल पहुंचा। इसके बाद पुल से सूटकेस को यमुना नदी में फेंक दिया था।

दोस्त आशीष के कहने पर वह आकांक्षा का मोबाइल लेकर सेंट्रल स्टेशन पहुंचा और फिर एक ट्रेन में मोबाइल आन करके छोड़ दिया, ताकि अगर पुलिस उसकी लोकेशन निकाले तो वह जिले से कहीं और मिले।

आकांक्षा भाई-बहनों में तीसरे नंबर की थी। पिता के निधन के बाद बड़ा भाई सूरज दिल्ली में नौकरी करता है, जबकि दूसरे नंबर की बहन प्रतीक्षा है। सबसे छोटा भाई आदर्श मां के साथ गांव में रहता है। बहन प्रतीक्षा ने बताया कि वह और आकांक्षा पहले बर्रा स्थित रेस्टोरेंट में एक साथ काम करती थीं। 10 महीने पहले इंस्टाग्राम पर सूरज से दोस्ती के बाद आकांक्षा ने उससे भी दूरियां बना ली थीं। दूसरी नौकरी करने के साथ ही वह अलग कमरा लेकर किराये रहने लगी थी।

आकांक्षा की मां ने बताया कि 22 जुलाई को आकांक्षा से बात न होने पर उन्होंने सूरज से संपर्क किया था। उसने जानकारी से इन्कार किया लेकिन उसने जिस तरीके से जवाब दिया वह अंदाज समझ नहीं आया। इसके बाद 24 जुलाई को बर्रा चौकी और फिर थाने गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 26 जुलाई को वह पुलिस आयुक्त से मिली। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो 1090 पर काल करके मदद मांगी। इस पर उन्हें नौबस्ता थाने भेजा गया, जहां पहुंचने पर पता चला कि रेस्टोरेंट हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में हैं। इसके बाद वह हनुमंत विहार पहुंची और आठ अगस्त को बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।

हत्या का राजफाश होने के बाद पुलिस अब तक आकांक्षा का शव बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस की टीमें गोताखोरों की मदद से प्रयागराज, कौशांबी, बांदा में उसके शव को तलाश रही हैं। हनुमंत बिहार थानाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि शव की तलाश में टीमें लगातार प्रयागराज, कौशांबी और बांदा पुलिस के संपर्क में हैं। प्रयागराज में यमुना नदी गंगा में मिल जाती है। इसलिए भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी पुलिस से भी संपर्क करके लावारिस शव के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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