नल-जल ऑपरेटर को 18 महीने से मजदूरी नहीं दे रहा था ठेकेदार, अब देना होगा 21 लाख रुपये
बिहार के शेखपुरा में नल-जल ऑपरेटरों का बकाया रखना ठेकेदार को महंगा साबित हो गया. श्रम विभाग के अधिकारियों ने इसे संज्ञान में लेते हुए ठेकेदार पर जुर्माना लगाते हुए दस गुना अधिक रूपए का भुगतान करने का आदेश दिया. इसके साथ ही श्रम अधीक्षक ने जिले के पीएचडी विभाग से ठेकेदारों की सूची मांगी है.
2 लाख बदले देना होगा 21 लाख : दरअसल, जिले के बरबीघा प्रखंड क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव के नल जल जल योजना के ऑपरेटर सुदर्शन कुमार ने शिकायत की थी. इसपर श्रम अधीक्षक के द्वारा बकाया मजदूरी 1,90,476 रुपया के एवज में 10 गुना जुर्माना 20,95,236 रुपया लगाया गया है. इसके साथ ही संवेदक पप्पू कुमार के खिलाफ मुंगेर के सहायक श्रमायुक्त के कोर्ट में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है.
DM के आदेश पर जांच तेज : श्रम अधीक्षक राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पंप आपरेटर के द्वारा संवेदक पर मजदूरी नहीं देने का आरोप लगाते हुए, जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी. डीएम ने शिकायत के आलोक में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था. जांच पड़ताल शुरु हुई तो पाया गया कि आपरेटर अर्द्ध कुशल मजदूर है. जिसे न्यूनतम मजदूरी से भी कम मात्र दो हजार रुपया महीना के मेहताना पर रखा गया था. जबकि अर्द्धकुशल मजदूर को आठ घंटा कार्य के लिए न्यूनतम मजदूरी 444 रुपया निर्धारित है.
”न्यूनतम मजदूरी के आधार पर कुल बकाया मजदूरी जोड़ा गया तो 190476 रुपया हुआ. संवेदक से जब बकाया मजदूरी देने को कहा गया तो उसने देने से इंकार किया और ऑपरेटर को ही डराने लगा. इसी के बाद संवेदक पर अधिकतम 10 गुना जुर्माना लगाते हुए 20,95,236 रुपया देने का आदेश देते हुए सहायक श्रमायुक्त के कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है.”- राजेश कुमार सिन्हा, श्रम अधीक्षक, शेखपुरा
मांगी गयी पंप आपरेटरों व संवदेकों की सूची : पंप आपरेटरों को मजदूरी नहीं देने और न्यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी दिये जाने के मामले में जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है. इसी को लेकर श्रम अधीक्षक के द्वारा पीएचईडी के एक्जक्यूटिव इंजीनियर से पंप ऑपरेटरों और संवेदकों की सूची मांगी गयी है. श्रम अधीक्षक ने बताया कि सूची मिलने के बाद पंप आपरेटरों से पूछताछ कर पता लगाया जायेगा कि न्यूनतम मजदूरी मिल रही है या नहीं. मजदूरी का भुगतान सही तरीके से हो रहा है या नहीं.
‘कई संवेदकों पर गाज गिरना तय’ : कई स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच का दायरा बढ़ता है तो कई संवेदकों पर गाज गिरना तय है. क्योंकि संवदेक नियमित रुप से पीएचईडी से मजदूरी भुगतान का रुपया ले रहे हैं, पर ऑपरेटरों को कई जगहों पर रुपया ही नहीं दिया जा रहा है, तो कुछ जगहों पर नाम मात्र की मजदूरी दी जा रही है
चार संवेदकों को किया गया है ब्लैक लिस्टेड : पीएचईडी के एक्जक्यूटिव इंजीनियर रंजीत कुमार ने कहा कि मजदूरी नहीं देने सहित अन्य तरह की गड़बड़ी किये जाने को लेकर अब तक नल जल योजना के चार संवेदकों को ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है. आगे भी शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जायेगी. एक्जक्यूटिव इंजीनियर ने बताया कि अभी जिला में नल जल योजना में 557 ऑपरेटर कार्यरत हैं.






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