पंचायत विकास दिवस पर 17 पंचायतों में हुआ योजनाओं का सामाजिक लेखा-जोखा, ग्रामीणों ने रखे सुझाव
सरकार के निर्देश के अनुसार महीने के अंतिम रविवार को शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सभी 17 ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस के अवसर पर ग्राम सभा का आयोजन किया गया। पंचायत सरकार भवन, पंचायत भवन एवं मनरेगा भवनों में आयोजित ग्राम सभाओं में पंचायत के विकास कार्यों का सामाजिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में संबंधित पंचायतों के मुखिया की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों, पंचायत स्तरीय कर्मियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्राम सभा के दौरान संचालित योजनाओं की समीक्षा के साथ आगामी विकास कार्यों की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बीडीओ वीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा। ग्राम सभा में पंचायतों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्राप्त राशि, अब तक किए गए खर्च तथा शेष उपलब्ध राशि की जानकारी ग्रामीणों के समक्ष रखी गई। इसके अलावा पंचायत में चल रही एवं प्रस्तावित विकास योजनाओं पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों से सुझाव लिए गए। ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। ग्राम सभा में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायतें स्थानीय विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। गांव की वास्तविक जरूरतों को समझकर योजनाओं का चयन और उनका प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब इसमें आम ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी हो। सामाजिक न्याय के साथ समावेशी विकास पंचायत व्यवस्था का मूल उद्देश्य है। सबका योजना, सबका विकास’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए पंचायत के प्रत्येक वर्ग के लोगों की भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की अवधारणा पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों को बताया गया कि ग्राम सभा के माध्यम से वे पंचायत के विकास कार्यों पर अपनी राय रखने के साथ योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। ग्रामीणों ने पंचायत विकास दिवस की पहल को पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और आम लोगों तथा जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सभी पंचायतों में मुखिया ने की अध्यक्षता : पंचायत विकास दिवस के तहत बंधार पंचायत में मुखिया चंदन कुमारी, रहटौली में प्रेम कुमार सहनी, मधुरापुर में भरत सिंह, करियन में संजीव पासवान, रानीपरती में विनोद पासवान, भटौरा में सरिता कुमारी, डुमरा मोहन में सुनैना देवी, रजौर रामभद्रपुर में रामचंद्र सिंह, दहियार रन्ना में रिंकू देवी, परसा में राजकुमारी देवी, घिवाही में दुखा मुखिया, दसौत में नटवर राय, रहियार दक्षिण में अशर्फी सहनी, रहियार उत्तर में धर्मेंद्र मंडल तथा शंकरपुर पंचायत में विभा कुमारी सहित संबंधित पंचायतों के मुखिया ने अपने-अपने पंचायत सरकार भवन, पंचायत भवन एवं मनरेगा भवन में ग्राम सभा की अध्यक्षता की। अन्य पंचायतों में भी संबंधित मुखिया की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम सभाओं का संचालन पंचायत सचिव महेंद्र पासवान, जितेंद्र कुमार, मिथिलेश कुमार, रवि रंजन कुमार, उमेश प्रसाद, सौरव सावंत, संजय कुमार, प्रमोद राय सहित अन्य पंचायत सचिवों ने किया। जिन पंचायतों में पंचायत सचिव प्रभार में थे, वहां राजस्व कर्मचारी एवं पंचायत रोजगार सेवकों को ग्राम सभा के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पंचायत विकास दिवस की सफलता को लेकर प्रखंड प्रशासन की ओर से पहले ही सभी पंचायत स्तरीय कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। बीडीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रखंड की सभी पंचायतों में नियमित रूप से पंचायत विकास दिवस मनाया जाएगा। इसके माध्यम से विकास योजनाओं की समीक्षा, जनसमस्याओं की पहचान एवं समाधान तथा पंचायतों के सर्वांगीण विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों और आम ग्रामीणों के बीच लगातार संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा को प्रभावी बनाकर ही पंचायतों में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी विकास व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

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