प्रमंडलीय आयुक्त ने जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को नीलाम पत्र वादों का त्वरित गति से निष्पादन कराने का दिया निदेश
——————————-
आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री गिरिवर दयाल सिंह ने अधिकारियों को नीलाम पत्र वादों का त्वरित गति से निष्पादन करने का निदेश दिया है। वे आज इस विषय पर वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित प्रमंडल-स्तरीय एक बैठक में जिला पदाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों एवं अन्य को संबोधित कर रहे थे।
आयुक्त द्वारा सभी छः जिलों में नीलाम पत्र वाद में प्रगति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि नीलाम पत्र वादों में सरकार के विभिन्न विभागों, बैंकों तथा अन्य एजेंसियों की बड़ी राशि निहित है। यह चिंताजनक है। प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी समाहर्त्ताओं एवं पुलिस अधीक्षकों को निदेश दिया कि अपने-अपने जिला में अपर समाहर्त्ता एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को नीलाम पत्र वाद के त्वरित निस्तारण हेतु नोडल पदाधिकारी बनाएँ। नीलाम पत्र के नोडल पदाधिकारियों को नीलाम पत्र वादों में प्रगति लाने के लिए निदेशित करें एवं वादों के निष्पादन में प्रगति की स्वयं नियमित समीक्षा करें। विभिन्न सरकारी विभागों, राष्ट्रीय बैंकों, सहकारी बैंकों एवं सरकारी लोक उपक्रमों के लंबित नीलाम पत्र वादों का तेजी से निपटारा कराएँ। विभागवार एवं बैंकवार सन्निहित राशि का विवरण संधारित रखें एवं तदनुसार कार्रवाई करें। जिले में पदस्थापित पदाधिकारियों में सर्टिफिकेट वादों का विवेकसम्यक समानुपातिक रूप से वितरण सुनिश्चित रखें ताकि उसका निष्पादन त्वरित गति से हो सके।आवश्यकतानुसार नीलाम पत्र वाद के कोर्ट की संख्या बढ़ाने हेतु अन्य पदाधिकारियों को कार्यहित में नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति प्रदान करने के लिए नियमानुसार प्रस्ताव दें।
आयुक्त ने पदाधिकारियों को बड़े बकाएदारों तथा सबसे पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर विशेष रूचि लेते हुए शीघ्र निष्पादित करने का निदेश दिया।
प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी जिला पदाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को महीने में कम-से-कम दो दिन नीलाम पत्र वादों में प्रगति की संयुक्त समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बडी वारंट की संख्या बढ़ाएँ तथा डिस्ट्रेस वारंट का एक्ज़ेक्यूशन अच्छे ढंग से कराएँ। पुलिस अधीक्षकों को थानावार समीक्षा कर वारंट एक्ज़ेक्यूशन में लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्षों के विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। सभी जिला पदाधिकारियों को अगस्त माह में नोटिस जारी नहीं करने वाले एवं कोर्ट नहीं करने वाले नीलाम पत्र अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा नीलाम पत्र की शक्ति प्राप्त पदाधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम तीन दिन कोर्ट कर वादों का तीव्र गति से नियमानुसार निष्पादन करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि पुराने वादों में नोटिस भेजने के पश्चात भी देनदार द्वारा राशि जमा नहीं किए जाने पर राजस्व की वसूली हेतु बॉडी वारंट एवं डिस्ट्रेस वारंट निर्गत किया जाए। वारंट का विधिवत तामिला कराया जाए। स्थानीय थाना का सहयोग लिया जाए। बॉडी वारंट तथा डिस्ट्रेस वारंट लंबित नहीं रहना चाहिए। बकायेदारों से राशि की शत-प्रतिशत वसूली की जाए।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि उनके स्तर से प्रमंडल अन्तर्गत सभी जिलों में नीलाम पत्र वादों के निष्पादन में प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन वादों का ससमय निष्पादन प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता एवं कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक है। संबंधित पदाधिकारीगण इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।
इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमंडलीय पुलिस उप महानिरीक्षक, प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के समाहर्त्ता, पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्त्ता, प्रभारी पदाधिकारी नीलाम पत्र शाखा एवं अन्य भी उपस्थित थे।

Total Users : 10218278
Views Today : 4962