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September 22, 2026 12:34 am

बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल: अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा

बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल: अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा

बांग्लादेश में सोमवार को एक ऐतिहासिक और बेहद कड़े निर्णय के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में फांसी की सजा सुनाई है। न्यायाधिकरण ने यह सजा छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन पर की गई कथित घातक कार्रवाई के लिए दी।

पूर्व गृह मंत्री को भी मौत की सजा

सिर्फ हसीना ही नहीं, बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी इसी मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है।
वहीं, तीसरे आरोपी—पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून—को पाँच वर्ष की सजा दी गई। उन्होंने अदालत में सरकारी गवाह बनकर अपना अपराध स्वीकार किया था।

ढाका की अदालत में लाइव सुनाया गया फैसला

राजधानी ढाका की कड़ी सुरक्षा वाली अदालत में यह फैसला सुनाया गया, जिसे टीवी चैनलों पर सीधे प्रसारित किया गया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने बिना किसी संदेह के साबित कर दिया कि पिछले साल 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों पर हुए हिंसक दमन के पीछे शेख हसीना का सीधा निर्देश था।

न्यायाधिकरण के अनुसार हसीना ने—

निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश दिया

भड़काऊ बयान दिए

और प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को अधिकृत किया

देशभर में तनाव, विरोध-प्रदर्शन तेज

फैसले से पहले ही बांग्लादेश में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी।
शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग ने रविवार से दो दिन के देशव्यापी बंद की घोषणा कर दी।
ढाका में यातायात सामान्य से काफी कम रहा, जबकि कई इलाकों में पटाखों और हल्की झड़पों की खबरें मिलीं।

विद्रोह के बाद भारत आई थीं शेख हसीना

जुलाई 2024 में छात्रों द्वारा चलाए गए बड़े आंदोलन ने शेख हसीना सरकार को गिरा दिया था।
5 अगस्त 2024 को वह भारत भागकर आईं, जिसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी।

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों में लगभग 1,400 लोगों की मौत हुई थी।

जिस न्यायाधिकरण की स्थापना की, उसी से सजा

विडंबना यह है कि शेख हसीना सरकार ने ही 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तान समर्थित तत्वों द्वारा किए गए युद्ध अपराधों का मुकदमा चलाने के लिए इस न्यायाधिकरण (ICT-BD) को बनाया था।
इसी अदालत ने अब हसीना और उनके शीर्ष सहयोगियों को दोषी ठहराया है।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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