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August 25, 2026 2:23 pm

बिहार में अश्लील और जातिसूचक गीतों पर सरकार सख्त, रोक लगाने की तैयारी

बिहार में अश्लील और जातिसूचक गीतों पर सरकार सख्त, रोक लगाने की तैयारी

पटना: बिहार में सार्वजनिक स्थानों पर बजने वाले अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गीतों पर जल्द ही लगाम लग सकती है। राज्य सरकार का कला एवं संस्कृति विभाग इस मुद्दे पर गंभीर हो गया है और उसने गृह विभाग को पत्र लिखकर ऐसे गीतों के प्रसारण पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की है।

कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्य के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, शादी-विवाह समारोहों, जुलूसों, बाजारों और वाहनों में अश्लील तथा जातीय भावनाओं को भड़काने वाले गीत खुलेआम बजाए जा रहे हैं। इससे सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

विभाग ने यह भी चिंता जताई है कि ऐसे गीतों का महिलाओं और बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ता है तथा सार्वजनिक जीवन की गरिमा प्रभावित होती है। पत्र में बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति और भोजपुरी, मैथिली, मगही तथा अंगिका जैसी लोक भाषाओं की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

कला एवं संस्कृति विभाग ने गृह विभाग से आग्रह किया है कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गीतों के सार्वजनिक प्रसारण पर प्रभावी रोक लगाई जाए। विभाग का मानना है कि ऐसे गीत कई बार सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की समस्या भी पैदा कर सकते हैं।

गौरतलब है कि बिहार में समय-समय पर अश्लील गीतों को लेकर विवाद होते रहे हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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