कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा पुलिस मुठभेड़ में घायल, टॉप-10 अपराधी गिरफ्तार
ताबड़तोड़ फायरिंग से थर्राया मोड़क इलाका, तीन साथी भी दबोचे गए
कोटा/मोड़क।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेंज स्तर के टॉप-10 हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी आदिल मिर्जा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। रविवार सुबह मोड़क थाना क्षेत्र में हुई आमने-सामने की इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग से आदिल मिर्जा के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। उसके तीन साथी भी घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
गोलियों की गूंज से दहला इलाका
मोड़क कस्बे के बाइपास स्थित रेलवे ब्रिज के पास खेत में बने एक कमरे में बदमाशों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस टीम आगे बढ़ी, आदिल मिर्जा ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली कांस्टेबल चमन सिंह के कान के बेहद पास से गुजर गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। हालात को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।
पैर में गोली लगते ही गिर पड़ा हिस्ट्रीशीटर
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आदिल मिर्जा के बाएं पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। उसके साथ मौजूद तीन अन्य बदमाश भागने की कोशिश में घायल हो गए। फायरिंग की आवाजें दूर-दूर तक सुनाई दीं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
30 जवानों की टीम ने की कार्रवाई
कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आदिल की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई गई थीं और तकनीकी व साइबर सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। पुख्ता सूचना पर मोड़क और सांगोद थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 30 हथियारबंद जवानों के साथ सुबह 11:30 बजे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
घायल आरोपियों को अस्पताल भेजा गया
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। घायल आदिल मिर्जा और उसके तीन साथियों को एंबुलेंस से रामगंजमंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
आदिल मिर्जा
फैजल उर्फ टीपू
फय्यूम
अल्फेज खान (तीनों निवासी मोड़क)
जबकि शरीफ निवासी कोटा मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस पर फायरिंग के कई मामलों में वांछित
आदिल मिर्जा सांगोद और कोटा शहर में पुलिस पर फायरिंग के कई मामलों में वांछित था। 9 जनवरी को सांगोद क्षेत्र में पुलिस पर फायरिंग कर वह अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।
सिर्फ 25 पैसे का था प्रतीकात्मक इनाम
ग्रामीण एसपी ने बताया कि आदिल मिर्जा पर केवल 25 पैसे का प्रतीकात्मक इनाम घोषित था, क्योंकि शुरुआती दौर में उसका आपराधिक रिकॉर्ड छोटी वारदातों तक सीमित था। बाद में वह पुलिस पर फायरिंग जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त हो गया।
आरोपियों से बरामद हथियार
12 बोर देशी दो नाली कट्टा – 1
देशी कट्टा – 3
पिस्टल – 1
मैगजीन – 3
जिंदा कारतूस – 16
चाकू – 1
एंड्रॉयड मोबाइल – 3
कीपैड मोबाइल – 1
डोंगल – 1
बाइक व स्कूटी – 1-1






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