सीवान में निजी स्कूलों पर सख्ती: यूनिफॉर्म–किताब एक ही दुकान से खरीदने की बाध्यता खत्म, DM का आदेश
अभिभावकों की शिकायत पर प्रशासन का एक्शन, आदेश उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
सीवान जिले में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर मनमानी थोपने के मामले को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब कोई भी निजी विद्यालय छात्रों या अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान से यूनिफॉर्म, किताब या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।
क्या है पूरा मामला?
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को केवल तय दुकानों से ही किताबें, यूनिफॉर्म, बैग और जूते खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इन दुकानों पर सामान महंगे दामों पर बेचा जाता है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था।
DM का सख्त आदेश
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि:
कोई भी स्कूल किसी एक दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा
सभी स्कूलों को किताबों और यूनिफॉर्म की सूची 15 अप्रैल 2026 तक अपनी वेबसाइट और स्कूल परिसर में सार्वजनिक करनी होगी
यूनिफॉर्म में कम से कम 3 वर्षों तक बदलाव नहीं किया जाएगा
उल्लंघन पर कार्रवाई
आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ:
भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत कार्रवाई
बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2019 के तहत दंडात्मक कार्रवाई
की जाएगी। साथ ही स्कूल के प्राचार्य, संचालक और बोर्ड के सदस्य भी जिम्मेदार माने जाएंगे।
शिकायत की व्यवस्था
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई स्कूल आदेश का उल्लंघन करता है तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को फोन या ईमेल के माध्यम से दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
कब तक लागू रहेगा आदेश?
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और 31 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
निष्कर्ष:
जिला प्रशासन का यह कदम अभिभावकों को राहत देने और निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है।






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