बंगरहट्टा में संपन्न हुआ संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का पूर्णाहुति हवन, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा समापन समारोह
ब्रह्म स्थान परिसर, ग्राम बंगरहटा में रामायण सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित एक सप्ताहीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन सोमवार को हवन एवं पूर्णाहुति के साथ श्रद्धा-भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
समापन अवसर पर पूरे परिसर में भक्तिमय संगीत, वैदिक मंत्रोच्चारण और आस्था की अनूठी छटा देखने को मिली। अयोध्या से पधारे प्रख्यात युवा कथावाचक कथावाचक करण अर्जुन जी महाराज ने पूरे सप्ताह भक्तों को श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य संदेशों से अवगत कराया। विदाई के क्षणों में श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और भावुक वातावरण में भक्तों ने महाराज श्री को विदा किया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन आचार्य विनीत ओझा जी द्वारा विधि-विधान से हवन का आयोजन किया गया। पवित्र अग्नि में आहुति देते हुए ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
आचार्य ओझा जी ने बताया कि
“हवन करने का अभिप्राय मात्र इतना है कि जिन देवी-देवताओं का पूरे सप्ताह आवाहन किया जाता है, अंतिम दिन उसी ऊर्जा को हवन के माध्यम से आहुति देकर संपूर्ण फल की प्राप्ति की जाती है।”
एक सप्ताह तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र में भक्ति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के सभी सदस्य, स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु सक्रिय रूप से शामिल रहे।






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