एएनएम द्वारा रिश्वत लेने का वायरल वीडियो, सेवा से किया गया कार्यमुक्त
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सदर पीएचसी, किशनगंज (बेलवा) के लेबर रूम में कार्यरत संविदा आधारित एएनएम मनोरमा सिन्हा द्वारा प्रसव के उपरांत प्रसूता के परिजनों से अवैध राशि लेते हुए दिखाए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद एएनएम को तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए ज्ञापांक 3923/जि.गो., दिनांक 10.12.2025 के तहत जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-वरीय प्रभारी पदाधिकारी, किशनगंज प्रखंड एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति, किशनगंज को जांच का आदेश दिया गया था। जांच प्रतिवेदन जिला परिवहन पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा ज्ञापांक 1181/जि.परि., दिनांक 11.12.2025 को समर्पित किया गया।
जांच के दौरान श्रीमती मनोरमा सिन्हा ने अपने स्वलिखित बयान में स्वीकार किया कि प्रसव के बाद मरीजों के परिजन कभी खुशी से चाय पिला देते हैं और कभी 50–100 रुपये दे देते हैं। उनके इस स्वीकारोक्ति से वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन में इसे स्पष्ट रूप से रिश्वतखोरी एवं भ्रष्टाचार का मामला बताया गया है।
प्रमाणित आरोपों के आधार पर Human Resource Manual Rules and Regulation, 2021 की कंडिका 12 एवं एकरारनामा की कंडिका 14 (B) के प्रावधानों के तहत श्रीमती मनोरमा सिन्हा (मूल पदस्थापन—स्वास्थ्य उपकेंद्र मोतीहारा, प्रतिनियुक्ति—पीएचसी किशनगंज, बेलवा) का एकरारनामा रद्द करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
इस कार्रवाई की पुष्टि किशनगंज के जिलाधिकारी द्वारा की गई है।






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