DJ Ban in Bihar 2026: लाइसेंस, जुर्माना और DJ Business पर बड़ा असर
बिहार में डीजे संचालन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शादी-विवाह, जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रमों में तेज आवाज में डीजे बजाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कई जिलों में पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाकर बिना अनुमति डीजे बजाने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
क्यों बढ़ी सख्ती?
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर प्रशासन सक्रिय हुआ है। देर रात तेज साउंड सिस्टम के कारण आम लोगों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने समय-सीमा और साउंड लिमिट का सख्ती से पालन कराने का फैसला लिया है।
लाइसेंस और अनुमति के नियम
डीजे संचालकों को अब निम्न नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है:
स्थानीय थाना या जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति
निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर रात 10 बजे तक)
तय डेसीबल सीमा के भीतर साउंड सिस्टम
रिहायशी क्षेत्रों में विशेष सावधानी
बिना लाइसेंस या अनुमति डीजे संचालन करने पर जब्ती और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने पर:
भारी जुर्माना
साउंड सिस्टम जब्त
एफआईआर दर्ज होने की संभावना
लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है
कई जगहों पर वाहन चेकिंग और कार्यक्रम स्थलों पर अचानक निरीक्षण भी किया जा रहा है।
DJ Business पर असर
डीजे व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि शादी सीजन में यही उनका मुख्य कमाई का समय होता है। कड़े नियमों और पाबंदियों से हजारों परिवारों की आय प्रभावित हो सकती है। कई संचालकों ने सरकार से स्पष्ट गाइडलाइन और आसान अनुमति प्रक्रिया की मांग की है।
इवेंट मैनेजमेंट, लाइटिंग, साउंड सिस्टम किराया और संबंधित छोटे व्यवसायों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
आगे क्या?
प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना उद्देश्य है। यदि संचालक तय शर्तों का पालन करते हैं तो अनुमति दी जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में DJ License, Sound Permission और Noise Control को लेकर और स्पष्ट गाइडलाइन जारी हो सकती है।
बताते चले कि सरकारी आदेश जारी होते ही पुलिस और परिवहन विभाग सक्रिय हो गया है।
लखीसराय जिले में शुक्रवार को विशेष जांच अभियान चलाकर करीब 73 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
नवादा में भी कई डीजे वाहनों को जब्त किए जाने की सूचना है।
अधिकारियों के अनुसार, कई ऐसे वाहन पाए गए जिनके कागजात अधूरे थे। कुछ निजी गाड़ियों को ट्रॉली या डीजे वाहन में परिवर्तित कर दिया गया था, जो नियमों के विरुद्ध है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश क्या कहते हैं?
Supreme Court of India ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर स्पष्ट किया है कि निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि का उपयोग आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी आधार पर रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर और तेज ध्वनि उपकरणों पर प्रतिबंध लागू है।
डीजे संचालकों में बढ़ी बेरोजगारी की चिंता
सरकार की सख्ती के बाद डीजे व्यवसाय से जुड़े लोगों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि:
अचानक प्रतिबंध से रोजगार प्रभावित हुआ है।
कई लोग इस व्यवसाय से ही परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस तरह अवैध शराब मामलों में कभी-कभी पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं, उसी तरह डीजे जांच में भी मनमानी की आशंका है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुसार की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई आम लोगों की सुविधा, स्वास्थ्य सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और वाहन जब्ती की कार्रवाई जारी रहेगी।



Total Users : 10128859
Views Today : 2188