Explore

Search

September 2, 2026 11:57 am

पटना में बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, सीएम सम्राट चौधरी के ससुराल के पास जल जमाव


राजधानी पटना में मंगलवार की दोपहर हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। पटना के वार्ड संख्या 68 में मथनी तल रेलवे ओवरब्रिज के नीचे सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई। हालात ऐसे हैं कि लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बाइक और स्कूटी सवार पानी में फंस रहे हैं, कई वाहन बंद हो जा रहे हैं और कुछ लोग फिसलकर गिर भी रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 16 वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

सम्राट चौधरी के ससुराल जाने वाले रास्ते पर जलभराव

पटना के वार्ड संख्या 68 में मूसलाधार बारिश के बाद मथनी तल रेलवे ओवरब्रिज के ठीक नीचे सड़क पर भारी जलजमाव हो गया। यह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ससुराल जाने का रास्ता है। यहां से 200 मीटर की दूरी पर बिहार के मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी के ससुराल है, जहां पर जल जमाव की स्थिति बनी हुई है। सड़क पर कई फीट तक पानी जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दोपहिया वाहन चालक किसी तरह पानी के बीच से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। कई बाइक और स्कूटी पानी में बंद हो गईं, जबकि फिसलन के कारण हादसे का खतरा भी बना हुआ है।


 

बताया जा रहा है कि यह रास्ता आसपास के करीब 46 गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन का मार्ग है। ऐसे में बारिश के बाद सड़क पर पानी भरने से बड़ी आबादी प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मानसून में थोड़ी सी बारिश होते ही यहां जलजमाव की समस्या शुरू हो जाती है। लोगों का दावा है कि पिछले करीब 16 वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है। 

पानी निकालने की कोशिश जारी

जल निकासी के लिए पटना नगर निगम की ओर से वाटर पंप लगाए गए हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पंप लगाने के बावजूद पानी की निकासी प्रभावी तरीके से नहीं हो पा रही है। कुछ दिन पहले स्थानीय विधायक रत्नेश कुमार और पटना नगर निगम के कमिश्नर ने इस जगह का निरीक्षण भी किया था। जल निकासी को लेकर उपायों पर चर्चा की गई थी, लेकिन बारिश के बाद तस्वीर फिर वही नजर आ रही है।

सबसे ज्यादा चिंता स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को लेकर है। छोटे-छोटे बच्चे इसी रास्ते से होकर स्कूल आते-जाते हैं और उन्हें जलजमाव के बीच से गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हर साल बारिश में वाटर पंप लगाने के बजाय जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। बता दें कि मौसम विभाग ने बिहार में आज भारी बारिश की चेतावनी दी है। 

ये भी पढ़ेंः  भागलपुर में 100 साल पुराना चैती मंदिर गंगा में समाया, मंत्री के घर में घुसा पानी, अब रेलवे लाइन पर खतरा

नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ बिहार पहुंची अज्ञात मछलियां, सरकार ने लोगों को खाने से मना किया, जारी की एडवाइजरी

 

रिपोर्टः बिट्टू कुमार





Source link

adm_960fd5
Author: adm_960fd5

Leave a Comment

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!