किसान के बेटे राजकुमार मंडल ने रचा इतिहास, बिहार में 31वीं रैंक के साथ बने असिस्टेंट प्रोफेसर
खानपुर के बुधवाराही गांव के रहने वाले राजकुमार ने नौकरी के साथ जारी रखी पढ़ाई, अपनी सफलता पिता और डॉ. कलाम फाउंडेशन को की समर्पित
मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर गांव की मिट्टी से निकलकर सफलता की नई इबारत लिखने वाले राजकुमार मंडल ने अपने परिवार के साथ पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। खानपुर प्रखंड अंतर्गत श्रीपुर गाहर पूर्वी पंचायत के बुधवाराही गांव निवासी किसान हरिहर मंडल के पुत्र राजकुमार मंडल का चयन बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इतिहास विषय में पूरे बिहार में 31वीं रैंक हासिल की है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उन्हें बधाई दी है।
राजकुमार मंडल की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने नियमित नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी और कठिन परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता हरिहर मंडल किसान हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच राजकुमार ने शिक्षा को अपनी ताकत बनाया। उनकी माता का पूर्व में ही निधन हो चुका है। ऐसे में जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर निरंतर कदम बढ़ाया। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि मजबूत संकल्प और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
वर्तमान में राजकुमार मंडल रेलवे के समस्तीपुर मंडल स्थित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय में ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। सरकारी नौकरी करते हुए भी उन्होंने अध्ययन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। समय का बेहतर प्रबंधन, निरंतर तैयारी और लक्ष्य के प्रति समर्पण के सहारे उन्होंने इतिहास विषय में बिहार स्तर पर 31वीं रैंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का गौरव हासिल किया। उनकी यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो नौकरी और पारिवारिक दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय राजकुमार मंडल ने अपने पिता हरिहर मंडल और डॉ. कलाम फाउंडेशन फॉर रूरल डेवलपमेंट, शिवाजीनगर को दिया है। उन्होंने अपने पिता के संघर्ष और सहयोग को अपनी प्रेरणा बताया। वहीं, डॉ. कलाम फाउंडेशन से मिले मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उनकी सफलता ने क्षेत्र में शिक्षा और प्रतिभा को लेकर नई उम्मीद जगाई है। राजकुमार मंडल की इस उपलब्धि पर भवन निर्माण विभाग के उप सचिव ललित कुमार सिंह, पूर्व बीआरपी सह एचएम बालमुकुंद सिंह, प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार, सांसद प्रतिनिधि अशोक कुमार सिंह, समाजसेवी संजय सहनी, योगाचार्य डॉ. रमाकांत सिंह सहित अन्य लोगों ने बधाई दी है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। किसान परिवार से निकलकर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने तक का उनका सफर मेहनत, आत्मविश्वास और शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।

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