करोड़ों की ठगी, चांदी की चप्पल और लग्जरी लाइफ: एमपी की ‘तांत्रिक आयुषी’ केस ने मचाई सनसनी
अशोकनगर में सामने आए एक हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग और ठगी मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि कथित तांत्रिक और एस्ट्रोलॉजर आयुषी चौहान तथा उसके साथियों ने एक युवती को प्रेमजाल और ब्लैकमेलिंग के जरिए करीब 1.30 करोड़ रुपए की ठगी का शिकार बनाया।
आधा किलो चांदी की चप्पल पहनती थी आयुषी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आयुषी चौहान ने ठगी के पैसों से अपनी शानो-शौकत दिखाने के लिए करीब आधा किलो वजन की चांदी की चप्पल बनवाई थी। इतना ही नहीं, उसके पास करीब 250 ग्राम चांदी का पर्स और चांदी की ईंट भी मिली।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने ठगी के पैसों से:
करीब 50 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर खरीदे
लग्जरी कार खरीदी
दो iPhone और Apple Notebook लिया
महंगे ब्रांडेड कॉस्मेटिक्स, घड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे
स्कूटी, बड़ा फ्रिज, वाशिंग मशीन और अन्य लग्जरी आइटम जुटाए
पुलिस ने यह सामान गुना स्थित घर से जब्त किया है।
ऐसे फंसाया गया युवती को
पुलिस के अनुसार पीड़िता की दोस्ती करीब पांच साल पहले इंस्टाग्राम पर आदित्य सिंह तोमर से हुई थी। आरोप है कि प्रेमजाल में फंसाकर युवती के निजी वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हीं वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई।
इसके बाद:
टैटू आर्टिस्ट आर्यन सोनी को भी इस खेल में शामिल किया गया
युवती के पिता की मौत के बाद उससे लाखों रुपए वसूले गए
कथित तांत्रिक आयुषी चौहान और उसके पति आकाश चौहान ने “मदद” के नाम पर नया जाल बिछाया
कभी क्राइम ब्रांच तो कभी CID अधिकारी बनकर फोन किए गए
युवती से 10 लाख, 25 लाख और फिर 60 लाख तक की मांग की गई
सोना गिरवी रखवाकर भी रकम ऐंठी गई
मंदिरों में दान-पुण्य भी करते थे आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी के पैसों से मंदिरों में दान-पुण्य और भंडारे करवाते थे। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर बलि भी दी गई थी।
मोबाइल और लैपटॉप की होगी फॉरेंसिक जांच
कोतवाली पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों की जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि कई डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की गई है। फॉरेंसिक टीम डिलीट डेटा रिकवर करेगी ताकि यह पता चल सके कि कहीं और लोग भी इस गिरोह का शिकार तो नहीं बने।
शहर में चर्चा तेज
मामला सामने आने के बाद अशोकनगर और आसपास के इलाकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का मानना है कि यह कोई छोटा मामला नहीं बल्कि बड़ा ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट हो सकता है। पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि आरोपियों के मोबाइल में अन्य लोगों के वीडियो और फोटो तो मौजूद नहीं हैं।






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