सर्पदंश पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, आधे घंटे में अस्पताल पहुंचने पर बच सकती है जान
बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एम.एम. अंसारी ने आज रविवार को क्षेत्र के लोगों को सर्पदंश से बचाव को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जहरीले सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। सर्पदंश के बाद मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है।
डॉ. अंसारी ने बताया कि सर्पदंश के बाद शुरुआती समय काफी महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित को करीब आधे घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया जाए तो उसकी जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि झाड़-फूंक या नीम-हकीम के चक्कर में समय न गंवाएं और सीधे अस्पताल लेकर जाएं।
उन्होंने बताया कि सिंघिया पीएचसी में सर्पदंश के इलाज के लिए आवश्यक दवा उपलब्ध है। अब तक करीब डेढ़ दर्जन सर्पदंश पीड़ितों का इलाज कर उनकी जान बचाई जा चुकी है। वहीं, कुछ मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी हुई या वे पहले झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने लोगों से सर्पदंश की घटना होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की।

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