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August 29, 2026 3:32 pm

शिक्षक टुनटुन मल्लिक के निधन से घिवाही में शोक की लहर

शिक्षक टुनटुन मल्लिक के निधन से घिवाही में शोक की लहर

 

समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत घिवाही पंचायत के घिवाही गांव वार्ड 11 में शनिवार की सुबह शिक्षक टुनटुन मल्लिक के निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों, रिश्तेदार, ग्रामीणों के साथ साथ शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उनके पैतृक आवास पर पहुंचने लगे। शिक्षक टुनटुन मल्लिक के निधन से गांव के साथ उनके विद्यालय परिवार में भी गहरा शोक व्याप्त है। वे लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे और वर्ष 2003 से शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।

मृतक की पहचान घिवाही गांव वार्ड 11 निवासी स्व. बाऊन मल्लिक के 47 वर्षीय पुत्र टुनटुन मल्लिक के रूप में हुई है। वे उत्क्रमित मध्य विद्यालय बांदा कॉलोनी में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। विद्यालय में लंबे समय तक सेवा देने के कारण उनका शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों के साथ आत्मीय संबंध था। उनके निधन की खबर से विद्यालय परिवार में भी मायूसी छा गई। परिजनों के अनुसार टुनटुन मल्लिक पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें करीब चार दिन पूर्व उपचार के लिए दरभंगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। इसी क्रम में शनिवार की सुबह उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन अस्पताल से उनका शव लेकर पैतृक गांव घिवाही पहुंचे।

शव के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पर जुट गए। सगे संबंधियों, मित्रों एवं ग्रामीणों की आंखें नम थीं। हर कोई शिक्षक टुनटुन मल्लिक के मिलनसार स्वभाव और लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद कर भावुक नजर आया। शिक्षा विभाग से जुड़े प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भी उनके घर पहुंचकर अंतिम दर्शन किया तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।

टुनटुन मल्लिक अपने पीछे पत्नी रीता देवी, दो पुत्र चंदन कुमार एवं राजा कुमार तथा पुत्री चंदा कुमारी समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी एवं बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था। आसपास मौजूद ग्रामीण एवं रिश्तेदार परिजनों को संभालने में जुटे रहे। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय बताई जा रही है।

मृतक शिक्षक को उनके बड़े पुत्र चंदन कुमार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से दिवंगत शिक्षक को विदाई दी।

शिक्षक के निधन की सूचना पर बीईओ रामजन्म सिंह, प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, रामनाथ पंडित, अरुण पासवान, नीलू कुमारी, संतोष कुमार, सुदर्शन कुमार, मोहम्मद अब्दुल्ला, जैनुद्दीन, विकेश कुमार सिंह, देवानंद कामत, बिहारी दास, नंदन कुमारी, पिंकी कुमारी, राजकुमार राय, मदन कुमार, अवधेश चौधरी, मृत्युंजय कुमार सिंह, उमेश प्रसाद राय, शांति भूषण, पारस नाथ महाराज, गुंजन कुमार, कुमारी पुष्पा, ललिता कुमारी, पूनम कुमारी, बिरजू राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने शोक संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिवंगत शिक्षक के परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की।

ग्रामीणों ने कहा कि टुनटुन मल्लिक ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बच्चों को शिक्षा देने में लगाया। वर्ष 2003 से शिक्षक के रूप में लगातार सेवा करते हुए उन्होंने विद्यालय एवं विद्यार्थियों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनके निधन से शिक्षा जगत ने एक कर्मठ शिक्षक खो दिया है। उनके सहयोगी शिक्षकों ने कहा कि टुनटुन मल्लिक का व्यवहार सहज और आत्मीय था तथा उनके साथ बिताए समय को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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